महाराष्ट्र

देवी दर्शन से लौट रहे पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, दो दिन बाद खाई में मिले शव

Kavita2
23 Oct 2026 11:49 AM IST
देवी दर्शन से लौट रहे पति-पत्नी की दर्दनाक मौत, दो दिन बाद खाई में मिले शव
x

रायगढ़। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अलीबाग से एकवीरा देवी मंदिर के दर्शन करने गए पति-पत्नी के शव गुरुवार, 22 अक्टूबर को खालापुर तालुका के सायमल गांव के पास गहरी खाई में मिले। दोनों 20 अक्टूबर से लापता थे। परिजनों ने लगातार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान सड़क से करीब 20 फीट नीचे घनी झाड़ियों में दोनों के शव और उनका दोपहिया वाहन मिला। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि लौटते समय वाहन अनियंत्रित होकर खाई में गिर गया होगा। घटना की सूचना पर खोपोली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय बचाव दल की सहायता से शवों को बाहर निकलवाया।

देवी दर्शन के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रशांत तांडेल के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी के साथ अलीबाग में रहते थे। दोनों 20 अक्टूबर को कार्ला स्थित प्रसिद्ध एकवीरा देवी मंदिर में दर्शन के लिए गए थे।

दर्शन करने के बाद पति-पत्नी अपने दोपहिया वाहन से वापस अलीबाग लौट रहे थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि दोनों सामान्य समय पर घर पहुंच जाएंगे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद वे वापस नहीं लौटे।

परिजनों ने उनके मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। लगातार संपर्क नहीं हो पाने से परिवार की चिंता बढ़ गई।

शुरुआत में परिवार ने अपने स्तर पर दोनों की तलाश की, लेकिन उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसके बाद मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर खोजबीन आगे बढ़ाई गई।

सायमल गांव के पास खाई में मिले शव

तलाश के दौरान खोपोली के पास सायमल गांव से धनगरवाड़ी की ओर जाने वाले मार्ग पर दोनों का पता चला।

यह मार्ग पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है और आसपास घनी झाड़ियां मौजूद हैं। सड़क के एक मोड़ के पास लगभग 20 फीट नीचे खाई में पति-पत्नी के शव और उनका दोपहिया वाहन मिला।

घनी झाड़ियों के कारण वाहन और शव सड़क से गुजरने वाले लोगों को आसानी से दिखाई नहीं दे रहे थे।

आशंका है कि इसी वजह से हादसे के तुरंत बाद किसी को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई।

दंपती के शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय बचावकर्मियों की सहायता ली।

मोबाइल लोकेशन से मिला महत्वपूर्ण सुराग

दंपती की तलाश में मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन महत्वपूर्ण साबित हुई।

परिजनों ने दोनों से संपर्क नहीं होने के बाद उनके संभावित यात्रा मार्ग के बारे में जानकारी जुटाई।

मोबाइल की लोकेशन खोपोली के आसपास मिलने के बाद उसी क्षेत्र में खोजबीन की गई। इसके बाद सायमल गांव के निकट हादसे का पता चला।

माना जा रहा है कि यदि मोबाइल की आखिरी लोकेशन का सुराग नहीं मिलता, तो घनी झाड़ियों में पड़े वाहन और शवों तक पहुंचने में अधिक समय लग सकता था।

हालांकि, दुर्घटना किस समय हुई और उस दौरान सड़क पर अन्य वाहन मौजूद थे या नहीं, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

खोपोली पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलते ही खोपोली पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची।

खाई में शव मिलने के कारण उन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया। इस दौरान हेल्प फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने पुलिस की सहायता की।

बचाव दल ने झाड़ियों और कठिन रास्ते के बीच पहुंचकर दोनों शवों को बाहर निकाला।

इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

खोपोली पुलिस थाने में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस निरीक्षक सचिन हिरे के मार्गदर्शन में आगे की जांच जारी है।

वाहन अनियंत्रित होकर गिरने की आशंका

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दंपती का दोपहिया वाहन सड़क से फिसलकर खाई में गिरा हो सकता है।

हादसे वाली जगह पर सड़क के पास मोड़ है और नीचे झाड़ियां हैं। ऐसी स्थिति में वाहन का नियंत्रण बिगड़ने पर गंभीर दुर्घटना होने की संभावना रहती है।

हालांकि, वाहन की रफ्तार कितनी थी, दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति कैसी थी और वाहन किस कारण खाई में गिरा, इन सवालों का स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आया है।

पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है।

इस स्तर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार, किसी अन्य वाहन की टक्कर या तकनीकी खराबी को निश्चित रूप से नहीं माना जा सकता।

दो दिन तक किसी को नहीं लगी हादसे की भनक

इस घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि पति-पत्नी लगभग दो दिन तक लापता रहे और उनके दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी किसी को नहीं मिल सकी।

बताया जा रहा है कि हादसे का स्थान मुख्य सड़क से नीचे था। वाहन खाई में गिरने के बाद झाड़ियों के बीच छिप गया था।

इसके कारण आसपास से गुजरने वाले लोगों को दुर्घटना के बारे में पता नहीं चला।

20 अक्टूबर को घर लौटने के लिए निकले पति-पत्नी के शव 22 अक्टूबर को मिलने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

परिजनों को जिस यात्रा के सुरक्षित समाप्त होने की उम्मीद थी, वह उनके जीवन की सबसे दुखद घटना बन गई।

पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा

रायगढ़ जिले के कई हिस्सों में पहाड़ी रास्ते, घुमावदार मोड़ और ढलान वाले मार्ग हैं।

ऐसे रास्तों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है। सड़क के किनारे पर्याप्त सुरक्षा अवरोधक नहीं होने या दृश्यता कम होने की स्थिति में दुर्घटना का जोखिम बढ़ सकता है।

सायमल गांव के पास हुई घटना ने पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को फिर सामने रखा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जोखिम वाले मोड़ों पर चेतावनी संकेत, सुरक्षा बैरियर और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था दुर्घटनाओं को कम करने में मददगार हो सकते हैं।

हालांकि, संबंधित दुर्घटनास्थल पर इन सुविधाओं की वास्तविक स्थिति के बारे में जांच के बिना कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी महत्वपूर्ण जानकारी

खोपोली पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और चोटों की प्रकृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा दुर्घटनाग्रस्त वाहन की स्थिति का परीक्षण करने से भी हादसे के संभावित कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

पुलिस यह भी जांच कर सकती है कि हादसे से पहले दंपती किस मार्ग से गुजर रहे थे और उनकी आखिरी गतिविधियां क्या थीं।

फिलहाल किसी आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है और मामला संभावित सड़क दुर्घटना के रूप में जांच के अधीन है।

दर्शन से लौटते वक्त उजड़ गया परिवार

एकवीरा देवी के दर्शन के बाद घर लौट रहे प्रशांत तांडेल और उनकी पत्नी की मौत से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।

दो दिन तक दोनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों को शव मिलने की खबर ने गहरा आघात पहुंचाया।

इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और सुनसान मार्गों पर यात्रा के दौरान सतर्कता बरतने की जरूरत को रेखांकित किया है।

फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। पोस्टमार्टम और अन्य जांच प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद दुर्घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।

Next Story