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Sea में उठेंगी ऊंची लहरें, मुंबई में 18 जुलाई तक हाई टाइड की चेतावनी

Mumbai मुंबई : मुंबई में समुद्र में ऊंचे ज्वार (हाई टाइड) की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। 14 जुलाई से 18 जुलाई 2026 के बीच समुद्र में तेज और ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रशासन ने कहा है कि हाई टाइड के दौरान समुद्र का जलस्तर सामान्य से अधिक बढ़ सकता है, जिससे तटीय इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में नागरिकों को समुद्र किनारे जाने से बचने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है।
बीएमसी ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तटों, चट्टानी इलाकों और उन स्थानों पर जाने से बचें जहां तेज लहरों का खतरा अधिक रहता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समुद्र के उफान के दौरान लापरवाही करना जानलेवा साबित हो सकता है।
विशेष रूप से मछुआरों, पर्यटकों और समुद्र किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि लोग स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।
हाई टाइड के पीछे वैज्ञानिक कारण
समुद्र में हाई टाइड आने के पीछे वैज्ञानिक और भौगोलिक कारण जिम्मेदार होते हैं। चंद्रमा और सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल समुद्र के पानी को अपनी ओर खींचता है, जिसके कारण समुद्र का जलस्तर बढ़ जाता है। इसी प्रक्रिया को ज्वार कहा जाता है।
मुंबई की भौगोलिक स्थिति भी हाई टाइड के प्रभाव को बढ़ाती है। अरब सागर से लगे मुंबई के तटीय क्षेत्र और कोंकण तटरेखा की बनावट के कारण यहां समुद्री लहरों का दबाव अधिक महसूस किया जाता है। यही वजह है कि मुंबई में ज्वार का असर कई अन्य तटीय इलाकों की तुलना में ज्यादा दिखाई देता है।
बारिश के दौरान बढ़ सकती है परेशानी
मुंबई में मानसून के दौरान हाई टाइड की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो जाती है। तेज बारिश के समय शहर का पानी नालों और ड्रेनेज सिस्टम के जरिए समुद्र में जाता है। लेकिन जब समुद्र का जलस्तर ड्रेनेज आउटलेट से ऊपर पहुंच जाता है तो पानी की निकासी प्रभावित हो सकती है।
इस स्थिति में शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा होने की संभावना रहती है। प्रशासन का कहना है कि हाई टाइड और बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।
बीएमसी और संबंधित विभागों ने आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय निकायों की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।





