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कल्याण। महाराष्ट्र के कल्याण में पुलिस ने हेरोइन की तस्करी करने वाले एक कथित संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर चलाए गए अभियान के दौरान कुल 9.768 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 34.18 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के साथ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट यानी MCOCA के तहत भी कार्रवाई की गई है।
इस मामले में सबसे बड़ी बरामदगी आरोपी कासिम अब्दुल सत्तार वसाईकर (38) और कृष्णा नागप्पा हलमानी (36) से हुई। दोनों के पास से कथित तौर पर 9.236 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए कासिम के घर की तलाशी ली गई, जहां से पुलिस को 531.69 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन मिली। दोनों बरामदगियों को मिलाकर जब्त हेरोइन की कुल मात्रा 9.768 किलोग्राम हो गई।
इस कार्रवाई की शुरुआत एक अप्रैल को हुई थी। कल्याण की महात्मा फुले पुलिस की मादक पदार्थ विरोधी टीम रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सांगलेवाड़ी रोड पर बैग लेकर जा रहे कासिम और कृष्णा की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पुलिसकर्मियों ने दोनों को रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया। आरोप है कि पुलिस को देखकर दोनों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
आरोपियों के बैग की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में संदिग्ध पदार्थ मिला। जांच में उसके हेरोइन होने की जानकारी सामने आने के बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जब्ती में मिली 9.236 किलोग्राम हेरोइन की कीमत लगभग 32.32 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके बाद पुलिस ने कासिम के शाहपुर स्थित घर पर छापा मारा।
घर की तलाशी में कथित रूप से मिली 531.69 ग्राम हेरोइन की कीमत करीब 1.85 करोड़ रुपये बताई गई। पुलिस ने दोनों स्थानों से बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्क सूची, बैंक खातों और यात्राओं से जुड़ी जानकारी भी खंगाली गई। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस को इस मामले में एक बड़े नेटवर्क के सक्रिय होने का संदेह हुआ।
जांच में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में गणेशन पुथुस्वामी जंगमार उर्फ अन्ना, सद्दाम गफूर शेख और अमजद यूसुफ पठान शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने गणेशन को पांच अप्रैल को मुंबई से और सद्दाम को छह अप्रैल को कल्याण से गिरफ्तार किया था। दोनों पर मादक पदार्थों की आपूर्ति और वितरण में भूमिका निभाने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क का कथित मुख्य सप्लायर अमजद यूसुफ पठान था। जांच के दौरान उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाने और ठिकाने का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गईं। डीसीपी अतुल जेंडे की निगरानी में काम कर रही टीम ने अमजद को नासिक जिले के इगतपुरी इलाके से पकड़ा। उसके खिलाफ महाराष्ट्र के अलावा अन्य राज्यों में भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस का आरोप है कि अमजद इस नेटवर्क के सदस्यों को हेरोइन उपलब्ध कराता था। इसके बाद मादक पदार्थ को स्थानीय स्तर पर छोटे सप्लायरों के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचाया जाता था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में लगी हैं कि जब्त हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे किन शहरों में भेजा जाना था। नेटवर्क के संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। संगठित तरीके से मादक पदार्थों की तस्करी करने और आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए मामले में MCOCA के प्रावधान भी लगाए गए हैं। इस कानून के लागू होने के बाद नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, संपत्तियों और कथित आपराधिक आय की व्यापक जांच की जा सकेगी।
अधिकारियों के अनुसार, जांच का एक प्रमुख हिस्सा आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल है। यह पता लगाया जा रहा है कि मादक पदार्थों की बिक्री से मिलने वाली रकम किस माध्यम से भेजी जाती थी। नकद भुगतान के अलावा डिजिटल लेनदेन, संदिग्ध बैंक खातों और दूसरे लोगों के नाम पर संचालित खातों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले संपर्कों और संदेशों का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि नेटवर्क में पांच गिरफ्तार आरोपियों के अलावा और कितने लोग शामिल थे। हेरोइन की पैकिंग, परिवहन, भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी, इसका पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल जब्त हेरोइन के स्रोत का है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं किया जा सकता। आशंका है कि इसे किसी दूसरे राज्य अथवा देश से तस्करी के जरिए महाराष्ट्र पहुंचाया गया होगा। जांच एजेंसियां परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए मार्गों और वाहनों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी हो सकती हैं। नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। आरोपियों से प्राप्त जानकारी का सत्यापन करने के बाद संबंधित स्थानों पर छापे मारे जाएंगे। फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस के आरोपों का सामना कर रहे हैं और उनके विरुद्ध अपराध न्यायालय में सिद्ध होना बाकी है।





