महाराष्ट्र

उजनी और वीर बांध से भारी जल निकासी, भीमा नदी में बढ़ा बाढ़ का खतरा; पंढरपुर के पास मिलेगा दोनों नदियों का पानी

Saba Naaz
31 July 2026 6:12 PM IST
उजनी और वीर बांध से भारी जल निकासी, भीमा नदी में बढ़ा बाढ़ का खतरा; पंढरपुर के पास मिलेगा दोनों नदियों का पानी
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महाराष्ट्र। भीमा नदी और उसकी सहायक नदियों में बढ़ते जलस्तर के बीच उजनी बांध और वीर जलाशय से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। उजनी बांध से करीब 80,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद भीमा नदी का प्रवाह तेज हो गया है। वहीं, नीरा नदी पर बने वीर जलाशय से भी लगभग 63,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों बांधों से निकलने वाला पानी आगे चलकर पंढरपुर के पास एक साथ मिल जाएगा, जिससे नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, उजनी बांध भीमा नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण जलाशय है, जो क्षेत्र की सिंचाई और जल प्रबंधन में अहम भूमिका निभाता है। लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है। जल निकासी बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

वहीं, नीरा नदी पर स्थित वीर जलाशय से भी भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है। वीर बांध से छोड़ा गया पानी आगे जाकर भीमा नदी प्रणाली में शामिल होगा। दोनों जलाशयों से निकलने वाला पानी पंढरपुर क्षेत्र के पास मिलकर नदी के बहाव को और तेज कर सकता है।

जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों की निगरानी की जा रही है और लोगों को नदी के पास जाने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं।

भीमा नदी का पानी आगे बढ़ते हुए तेलंगाना की ओर जाएगा और वहां स्थित जुराला परियोजना तक पहुंचेगा। इस कारण महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना के कुछ क्षेत्रों में भी जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बांधों से पानी छोड़ने का फैसला बारिश, जलस्तर और नदी की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान बड़े बांधों से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ना जरूरी होता है, ताकि बांधों पर दबाव कम किया जा सके और अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति से बचा जा सके। हालांकि, जब कई जलाशयों से एक साथ बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जाता है तो नदी के निचले हिस्सों में जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।

पंढरपुर क्षेत्र में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

महाराष्ट्र में इस समय कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। भारी बारिश के कारण कई नदियों और जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ रहा है। उजनी और वीर बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान नदी के प्रवाह की निगरानी, निचले इलाकों की सुरक्षा और लोगों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर है। दोनों बांधों से छोड़ा गया पानी पंढरपुर के पास मिलकर आगे तेलंगाना की जुराला परियोजना की ओर बढ़ेगा, इसलिए संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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