महाराष्ट्र

मेहनत, बेहतर सुविधाएं और टीम की एकता से मिला गोल्ड: कबड्डी खिलाड़ी राज रानी

SHIDDHANT
7 Oct 2026 9:12 PM IST
मेहनत, बेहतर सुविधाएं और टीम की एकता से मिला गोल्ड: कबड्डी खिलाड़ी राज रानी
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MUMBAI मुंबई। भारतीय कबड्डी खिलाड़ी और एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता राज रानी ने टीम की सफलता का श्रेय लगातार मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के बीच मजबूत एकता को दिया है। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ियों को सही माहौल, जरूरी सुविधाएं और पर्याप्त तैयारी का मौका मिलता है, तो अच्छे नतीजे अपने आप सामने आते हैं। मुंबई में बातचीत के दौरान राज रानी ने कहा कि भारतीय टीम कई महीनों से लगातार तैयारी कर रही थी। उन्होंने बताया कि फेडरेशन की ओर से चार से पांच महीने तक लगातार ट्रेनिंग कैंप आयोजित किए गए, जिससे खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस, तकनीक और टीम संयोजन पर काम करने का पर्याप्त समय मिला।
राज रानी ने कहा, “यह सब मेहनत का नतीजा था, क्योंकि हम लगातार प्रयास कर रहे थे। हमारी फेडरेशन चार से पांच महीने तक बिना रुके ट्रेनिंग कैंप आयोजित करती रही। मेहनत करने के बाद परिणाम मिलना स्वाभाविक है। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन में प्रशिक्षण सुविधाओं की बड़ी भूमिका होती है। जब खिलाड़ियों को अच्छी कोचिंग, अभ्यास का सही वातावरण और जरूरी संसाधन मिलते हैं, तो उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने की संभावना बढ़ जाती है।
टीम की एकता बनी सबसे बड़ी ताकत
राज रानी ने कहा कि प्रतियोगिता में अन्य देशों की टीमें भी मजबूत प्रदर्शन कर रही थीं, इसलिए मुकाबला आसान नहीं था। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपनी रणनीति और सामूहिक खेल से शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि फेडरेशन ने एक मजबूत टीम तैयार की और सबसे अहम बात खिलाड़ियों के बीच एकता रही। राज रानी के मुताबिक, “अगर किसी टीम में एकता है, तभी वह कुछ बड़ा हासिल कर सकती है। उन्होंने बताया कि मैचों और प्रशिक्षण के दौरान टीम के सभी खिलाड़ी एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते थे। अगर कोई खिलाड़ी किसी समय निराश या दबाव में महसूस करता था, तो बाकी खिलाड़ी उसे प्रोत्साहित करते और उसका मनोबल बढ़ाते थे। इसी टीम भावना ने खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।
राज रानी ने कहा कि स्वर्ण पदक किसी एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि पूरी टीम, कोचिंग स्टाफ और फेडरेशन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। हर खिलाड़ी ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और मैदान पर टीम की जरूरत के मुताबिक प्रदर्शन किया।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों के लिए भी संदेश देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और अनुशासन बेहद जरूरी है। साथ ही खेल संस्थाओं को खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि सही प्रशिक्षण और समर्थन मिलने पर भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीत सकते हैं।
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