- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- न्यूयॉर्क को पहली बार...
न्यूयॉर्क को पहली बार BARC सेंटर से हापुस आम का एक्सपोर्ट

Maharashtra महाराष्ट्र: इस साल पहली बार भारत से प्रीमियम हापुस (अल्फांसो) आम को न्यूयॉर्क में एक्सपोर्ट किया गया है। BARC कृषक इरेडिएशन सेंटर के प्रोजेक्ट ऑफिसर संजय अहेर ने बताया कि 7 अप्रैल को लगभग 1,100 बक्सों में पैक किए गए करीब 4 टन हापुस और केसर आम को इरेडिएशन प्रोसेस के बाद अमेरिका भेजा गया।
यह एक्सपोर्ट अमेरिका द्वारा आवश्यक इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरा होने के बाद संभव हुआ। अमेरिका के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने हाल ही में लासलगांव सेंटर का दौरा किया और फैसिलिटी का निरीक्षण कर आम के एक्सपोर्ट के लिए जरूरी प्रमाणपत्र जारी किया। इससे आम के सीजन की शुरुआत में बड़ी राहत मिली है।
BARC कृषक इरेडिएशन सेंटर पर 2002 से 2006 तक केवल प्याज़ को इरेडिएशन प्रोसेस किया जाता था। 2007 से आम को भी इस प्रोसेस में शामिल किया गया। शुरूआत में यह प्रोजेक्ट BARC और मार्केटिंग बोर्ड द्वारा चलाया जाता था, लेकिन बाद में इसे प्राइवेट ऑपरेटरों को सौंप दिया गया। वर्तमान में यह प्रोजेक्ट हिंदुस्तान एग्रो लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है।
पिछले साल आम का एक्सपोर्ट इस सेंटर से नहीं हो सका क्योंकि आवश्यक सर्टिफिकेशन समय पर प्राप्त नहीं हुआ था। इस बार सही समय पर सर्टिफिकेशन मिलने से किसानों और एक्सपोर्टर्स दोनों को फायदा हुआ है।
BARC सेंटर द्वारा इरेडिएशन की प्रक्रिया आम को कीटाणुरहित और लंबी दूरी तक सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत आम को नियंत्रित रेडिएशन के संपर्क में लाकर उसमें मौजूद कीटाणु और बैक्टीरिया खत्म कर दिए जाते हैं। इससे आम की क्वालिटी और स्वाद बरकरार रहते हुए अंतरराष्ट्रीय मार्केट में एक्सपोर्ट के लिए सुरक्षित बनता है।
इस वर्ष के इस सफल एक्सपोर्ट के साथ भारतीय हापुस और केसर आम की अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहर में भारतीय आम की उपलब्धता से न केवल भारत की फ़ूड एक्सपोर्ट क्षमता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आमदनी में भी सुधार होगा।
कृषक और एक्सपोर्टर्स का कहना है कि इस पहल से भारतीय आम की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी और भविष्य में और अधिक देशों में भारतीय हापुस आम की निर्यात संभावनाएं बढ़ेंगी। यह कदम भारतीय एग्रो-इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भारत की स्थिति मजबूत करने में भी मदद करेगा।
BARC का यह सेंटर अब सिर्फ़ घरेलू नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किसानों और आम एक्सपोर्टर्स के लिए भरोसेमंद साबित हो रहा है। इस तरह की पहल से भारतीय आम की अंतरराष्ट्रीय पहचान और गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।





