महाराष्ट्र

जलगांव में ग्रीन अभियान शुरू, मियावाकी से बढ़ेगी हरियाली

Kavita2
11 Aug 2026 5:56 PM IST
जलगांव में ग्रीन अभियान शुरू, मियावाकी से बढ़ेगी हरियाली
x

जलगांव। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘ग्रीन महाराष्ट्र’ विजन को आगे बढ़ाने के लिए जलगांव शहर में बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने की पहल शुरू की गई है। जलगांव नगर निगम और ‘महिला हाउसिंग ट्रस्ट’ के संयुक्त प्रयास से शहर में ‘मियावाकी वृक्षारोपण’ और ‘नक्षत्र गार्डन’ अभियान की शुरुआत की गई। 10 अगस्त को शहर के अलग-अलग वार्डों में अभियान को लेकर गतिविधियां शुरू हुईं। इसका उद्देश्य शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों में पौधारोपण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना है।

अभियान का औपचारिक उद्घाटन टी.एम. नगर क्षेत्र में किया गया। इस मौके पर राज्य के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन और जिला संरक्षक मंत्री तथा जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री गुलाबराव पाटिल ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में नगर निगम के पदाधिकारी, अधिकारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।

शहर के अलग-अलग वार्डों में अभियान

नगर निगम की ओर से अभियान को केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रखा गया है। शहर के अलग-अलग वार्डों में पौधारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने की गतिविधियां शुरू की गई हैं। अभियान के तहत उपलब्ध स्थानों का उपयोग करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की योजना पर काम किया जा रहा है।

नगर निगम और महिला हाउसिंग ट्रस्ट की संयुक्त पहल का उद्देश्य शहर के पर्यावरणीय संतुलन को बेहतर बनाना है। बढ़ते शहरीकरण के बीच पेड़ों और हरित क्षेत्रों की आवश्यकता लगातार महसूस की जा रही है। ऐसे में छोटे-छोटे क्षेत्रों में घनी हरियाली विकसित करने की दिशा में मियावाकी पद्धति को उपयोगी माना जा रहा है।

मियावाकी पद्धति से घने जंगल विकसित करने की कोशिश

मियावाकी पद्धति में सीमित क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधों को अपेक्षाकृत घनी दूरी पर लगाया जाता है। इसका लक्ष्य कम जगह में प्राकृतिक वन क्षेत्र जैसा वातावरण तैयार करना होता है। इस पहल के माध्यम से शहर के खाली और उपयोग योग्य स्थानों को हरित क्षेत्र में बदलने की कोशिश की जा रही है।

नगर निगम का फोकस पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की देखभाल पर भी रहेगा। पौधों को शुरुआती वर्षों में पर्याप्त पानी, सुरक्षा और उचित रखरखाव उपलब्ध कराना जरूरी होगा, ताकि अभियान का वास्तविक लाभ लंबे समय तक मिल सके।

‘नक्षत्र गार्डन’ से पर्यावरण के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव

अभियान का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा ‘नक्षत्र गार्डन’ है। इसके जरिए पौधों और हरित क्षेत्र को लोगों की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक मान्यताओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे उद्यान नागरिकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं।

नक्षत्र गार्डन की अवधारणा के तहत अलग-अलग पौधों को विशेष महत्व और पहचान के साथ विकसित किया जा सकता है। इससे नागरिकों, विशेषकर बच्चों और युवाओं में पौधों के प्रति रुचि पैदा करने तथा प्रकृति से जुड़ाव बढ़ाने की संभावना है।

जनभागीदारी पर रहेगा जोर

शहर में हरियाली बढ़ाने की किसी भी योजना की सफलता के लिए नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। नगर निगम और महिला हाउसिंग ट्रस्ट की इस पहल में भी स्थानीय नागरिकों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल की जिम्मेदारी केवल नगर निगम की न होकर स्थानीय संस्थाओं और नागरिक समूहों की भागीदारी से भी सुनिश्चित की जा सकती है। इससे लगाए गए पौधों के संरक्षण और अभियान को लंबे समय तक जारी रखने में मदद मिलेगी।

शहरी तापमान और प्रदूषण कम करने में मदद

शहरों में बढ़ता तापमान, वायु प्रदूषण और कम होते हरित क्षेत्र पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती हैं। पेड़ वायु गुणवत्ता सुधारने, कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने और स्थानीय स्तर पर तापमान को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जलगांव जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में हरित क्षेत्र बढ़ाने से आने वाले समय में पर्यावरणीय संतुलन बेहतर करने में मदद मिल सकती है। मियावाकी पद्धति के जरिए छोटे भूखंडों में अधिक हरियाली विकसित करने का प्रयास इसी दिशा में एक कदम है।

अभियान को निरंतर बनाए रखने की चुनौती

जानकारों के अनुसार, किसी भी पौधारोपण अभियान का वास्तविक मूल्य केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने और विकसित होने से तय होता है। इसलिए जलगांव में शुरू किए गए अभियान में पौधों की नियमित निगरानी और रखरखाव महत्वपूर्ण रहेगा।

नगर निगम को यह सुनिश्चित करना होगा कि लगाए गए पौधों को पर्याप्त पानी मिले और उन्हें पशुओं या अन्य कारणों से नुकसान न पहुंचे। साथ ही पौधों की वृद्धि की नियमित निगरानी की जाए तो अभियान के परिणाम अधिक प्रभावी हो सकते हैं।

‘ग्रीन महाराष्ट्र’ की दिशा में स्थानीय पहल

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के ‘ग्रीन महाराष्ट्र’ विजन के तहत शुरू की गई इस पहल को स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। नगर निगम और महिला हाउसिंग ट्रस्ट की साझेदारी से शुरू हुए अभियान का उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है।

टी.एम. नगर में मंत्रियों द्वारा पौधारोपण के साथ अभियान की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है। अब शहर के विभिन्न वार्डों में इसकी गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा। यदि पौधों की देखभाल और नागरिक भागीदारी पर लगातार ध्यान दिया गया, तो आने वाले वर्षों में यह पहल जलगांव के शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Next Story