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साकी नाका के श्री जगन्नाथ मंदिर में भव्य रथ यात्रा, 40 हजार श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

मुंबई : मुंबई के साकी नाका स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में वार्षिक श्री जगन्नाथ रथ यात्रा धार्मिक उत्साह और भक्ति भावना के साथ संपन्न हुई। मुंबई के सबसे पुराने मंदिरों में शामिल इस मंदिर में आयोजित रथ यात्रा में शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष यात्रा में लगभग 38,000 से 40,000 भक्तों ने भाग लिया और भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र तथा देवी सुभद्रा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रथ यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण देखने को मिला। मंत्रोच्चार, भजन और प्रार्थनाओं के बीच भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का भव्य रथ साकी नाका क्षेत्र से होकर गुजरा। रथ के दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ रथ के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा भारतीय धार्मिक परंपरा का एक प्रमुख उत्सव माना जाता है। इस अवसर पर भगवान जगन्नाथ को मंदिर से बाहर निकालकर भक्तों के बीच ले जाया जाता है। मुंबई में आयोजित यह यात्रा भी वर्षों से श्रद्धा और आस्था का केंद्र बनी हुई है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होकर धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग को विशेष रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं की गई थीं। यात्रा के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों और संबंधित एजेंसियों ने सहयोग किया। प्रशासन और आयोजकों की ओर से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इस धार्मिक आयोजन में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की युवा शाखा बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन के स्वयंसेवकों ने यात्रा के दौरान सेवा कार्य, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग और लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम किया। बजरंग दल के पार्ले डिवीजन के संयोजक आकाश शेलार और रबीनायण पाणिग्रही के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक यात्रा के साथ जुड़े रहे।
यात्रा के दौरान स्वयंसेवकों ने "नशा मुक्त भारत" अभियान भी चलाया। इसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने का प्रयास किया गया। कार्यकर्ताओं ने समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
आयोजकों के अनुसार, रथ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा भावना का भी प्रतीक है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के लोग शामिल होकर भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच आपसी सहयोग और भाईचारे का संदेश भी दिया जाता है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि रथ यात्रा में शामिल होना उनके लिए आध्यात्मिक अनुभव जैसा है। कई भक्तों ने बताया कि वे हर वर्ष इस आयोजन का इंतजार करते हैं और परिवार के साथ इसमें हिस्सा लेते हैं। भगवान जगन्नाथ के रथ के दर्शन को शुभ और आशीर्वाद देने वाला माना जाता है।
मंदिर प्रबंधन की ओर से बताया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए लंबे समय से तैयारियां की जा रही थीं। इसमें धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। स्वयंसेवकों ने पूरे आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुंबई जैसे महानगर में इस तरह के धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। श्री जगन्नाथ मंदिर की रथ यात्रा भी शहर की धार्मिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हर वर्ष इसमें बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस आयोजन की लोकप्रियता और लोगों की आस्था को दर्शाती है।
इस वर्ष की रथ यात्रा शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ के स्वागत के लिए उमड़े हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति और श्रद्धा के साथ इस धार्मिक उत्सव को यादगार बना दिया।





