महाराष्ट्र

‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान में शामिल होंगे राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा

Kavita2
28 July 2026 2:12 PM IST
‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान में शामिल होंगे राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा
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मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा बुधवार, 29 जुलाई को ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के तहत आयोजित होने वाली सामुदायिक जागरूकता पदयात्रा में शामिल होंगे। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को तपेदिक (टीबी) के प्रति जागरूक करना और बीमारी की रोकथाम, जांच तथा इलाज को लेकर जानकारी पहुंचाना है।

राज्यपाल सुबह 11:30 बजे इस जागरूकता वॉक में हिस्सा लेंगे। यह पदयात्रा चेंबूर (पश्चिम) स्थित पी.एल. लोखंडे मार्ग पर बने श्री नारायण गुरु कॉलेज ऑफ कॉमर्स के परिसर से शुरू होगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, स्वयंसेवक और स्थानीय लोग शामिल होंगे।

आयोजकों के अनुसार, इस सामुदायिक जागरूकता वॉक में लगभग 1000 राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) वॉलंटियर्स भाग लेंगे। ये स्वयंसेवक ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान से जुड़े संदेशों वाले प्लेकार्ड लेकर आसपास के क्षेत्रों में पैदल चलेंगे और लोगों को टीबी से बचाव तथा उपचार के बारे में जागरूक करेंगे।

पदयात्रा के दौरान स्वयंसेवक लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच कराने की आवश्यकता और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि टीबी एक गंभीर लेकिन इलाज योग्य बीमारी है और समय पर पहचान होने पर इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

टीबी भारत में लंबे समय से एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी उन्मूलन के लिए कई अभियान चलाए जा रहे हैं। ‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान भी इसी दिशा में एक प्रयास है, जिसके माध्यम से शहर के लोगों को बीमारी के प्रति जागरूक करने और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NSS वॉलंटियर्स के माध्यम से अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। युवा स्वयंसेवक अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

इस जागरूकता अभियान में टीवी और फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों के भी शामिल होने की संभावना है। अभिनेता राकेश बेदी और शिव ठाकरे के कार्यक्रम में भाग लेने की उम्मीद है। उनकी मौजूदगी से अभियान को और अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी को नियंत्रित करने के लिए केवल इलाज ही नहीं, बल्कि जागरूकता भी बेहद जरूरी है। कई बार लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे अभियानों के जरिए लोगों को समय पर जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

टीबी के सामान्य लक्षणों में लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और कमजोरी महसूस होना शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

मुंबई जैसे बड़े शहर में जहां बड़ी आबादी रहती है, वहां संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से ही टीबी जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

राज्यपाल की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम को टीबी उन्मूलन के संदेश को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि टीबी से डरने की नहीं, बल्कि समय पर जांच और सही इलाज अपनाने की जरूरत है।

‘टीबी मुक्त मुंबई’ अभियान के तहत आयोजित यह पदयात्रा स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज के विभिन्न वर्गों को बीमारी के खिलाफ एकजुट करने का प्रयास है। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से टीबी के खिलाफ जागरूकता अभियान को नई गति मिलेगी।

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