महाराष्ट्र

MSRTC का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम

Kavita2
30 Jun 2026 10:00 AM IST
MSRTC का राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार सख्त, अधिकारियों को एक महीने का अल्टीमेटम
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Maharashtra महाराष्ट्र: सरकार ने घाटे में चल रही महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सख्त रुख अपनाया है। राज्य के परिवहन मंत्री और MSRTC के अध्यक्ष प्रताप सरनाइक ने निगम के अधिकारियों को एक महीने के भीतर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि तय अवधि में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रताप सरनाइक ने अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि निगम की आय बढ़ाना अब सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अगले एक महीने के भीतर राजस्व में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और इसका परिणाम भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि केवल योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

सरकार का मानना है कि MSRTC की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से अधिकारियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। जिन अधिकारियों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाएगा या जो निर्धारित राजस्व लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

सरनाइक ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबन, तबादला या पदावनति जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि निगम की वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभानी होगी।

MSRTC राज्य के लाखों यात्रियों को रोजाना परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराती है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन का यह प्रमुख माध्यम है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से निगम वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। आय और खर्च के बीच बढ़ते अंतर को कम करने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठाने की कोशिश कर रही है।

बैठक में अधिकारियों को टिकट बिक्री बढ़ाने, बसों के बेहतर संचालन, समयबद्ध सेवाएं सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग करने पर जोर देने के निर्देश दिए गए। साथ ही आय बढ़ाने के नए उपाय तलाशने और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने के लिए भी कहा गया।

सरकार का मानना है कि यदि विभिन्न स्तरों पर बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तो निगम की आय में उल्लेखनीय सुधार संभव है। इसी वजह से विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और उनकी प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी।

परिवहन विभाग के अनुसार, निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार केवल सरकारी सहायता पर निर्भर रहने से संभव नहीं होगा। इसके लिए परिचालन स्तर पर भी दक्षता बढ़ानी होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलें और उपलब्ध बसों का अधिकतम उपयोग हो, जिससे राजस्व में वृद्धि हो सके।

सरनाइक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य निगम को आर्थिक रूप से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की अपेक्षा जताई।

सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में MSRTC के प्रदर्शन की लगातार समीक्षा की जाएगी। यदि तय समय में राजस्व बढ़ाने के प्रयास अपेक्षित परिणाम नहीं देते हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और निगम की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।

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