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महाराष्ट्र : ठाणे जिले में सरकारी एंबुलेंस सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। इमरजेंसी के समय एंबुलेंस को समय पर ईंधन मिल सके और डीजल की कमी या भुगतान से जुड़ी परेशानियों के कारण सेवा प्रभावित न हो, इसके लिए सरकारी एंबुलेंस के लिए ‘ड्राइव ट्रैक प्लस’ फ्यूल कार्ड की व्यवस्था शुरू की गई है।
इस पहल का उद्देश्य आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को तेज और अधिक प्रभावी बनाना है। अब सरकारी एंबुलेंस चालक बिना नकद भुगतान की समस्या या ईंधन के लिए अलग से व्यवस्था करने में लगने वाले समय के बिना सीधे फ्यूल भरवा सकेंगे।
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर शुरू हुई पहल
स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर शुरू की गई इस योजना को महाराष्ट्र सरकार ने लागू किया है। इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ समझौता किया गया है।
यह पहल स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर की देखरेख में शुरू की गई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विनायक निपाने और कमिश्नर संजय खटकर के फैसले के बाद इस योजना को अमल में लाया गया।
अधिकारियों का कहना है कि एंबुलेंस सेवाओं में समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। किसी भी तरह की देरी मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए ईंधन व्यवस्था को आसान और तेज बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
हर एंबुलेंस चालक को दिया गया कार्ड
योजना के तहत ठाणे जिले में संचालित सरकारी एंबुलेंस के लिए ‘ड्राइव ट्रैक प्लस’ फ्यूल कार्ड जारी किए गए हैं। प्रत्येक एंबुलेंस चालक को एक कार्ड उपलब्ध कराया गया है।
इस कार्ड की मदद से चालक पेट्रोल पंप पर तुरंत ईंधन भरवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले नकद राशि की व्यवस्था करने या डीजल के भुगतान के लिए किसी अन्य प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे एंबुलेंस की उपलब्धता और प्रतिक्रिया समय में सुधार आएगा।
इमरजेंसी सेवाओं में आएगी तेजी
एंबुलेंस सेवाओं में सबसे बड़ी चुनौती समय पर पहुंचना होती है। कई बार ईंधन की कमी या भुगतान प्रक्रिया में देरी के कारण वाहन संचालन प्रभावित हो सकता है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी। खासकर गंभीर मरीजों, दुर्घटना पीड़ितों और आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद लोगों तक एंबुलेंस जल्दी पहुंच सकेगी।
कैश और फंड की परेशानी होगी खत्म
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहले कई बार एंबुलेंस चालकों को ईंधन भरवाने के लिए नकद राशि या फंड उपलब्ध होने का इंतजार करना पड़ता था। इस वजह से समय की बर्बादी होती थी।
अब फ्यूल कार्ड व्यवस्था से यह समस्या दूर होगी। चालक सीधे अधिकृत पेट्रोल पंप से ईंधन ले सकेंगे और एंबुलेंस सेवाएं लगातार जारी रह सकेंगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम
स्वास्थ्य विभाग लगातार आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए नई व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। एंबुलेंस नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए तकनीक और डिजिटल भुगतान आधारित व्यवस्थाओं का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, फ्यूल कार्ड व्यवस्था से एंबुलेंस संचालन अधिक व्यवस्थित होगा और मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
आगे अन्य क्षेत्रों में विस्तार की संभावना
ठाणे जिले में शुरू की गई इस पहल के सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है। सरकारी एंबुलेंस सेवाओं को सुचारू रखने के लिए ऐसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों की सुविधा और आपातकालीन सेवाओं की गति बढ़ाना प्राथमिकता है। ‘ड्राइव ट्रैक प्लस’ फ्यूल कार्ड योजना इसी दिशा में उठाया गया एक कदम है।
ठाणे जिले में शुरू हुई यह व्यवस्था अब सरकारी एंबुलेंस संचालन में नई सुविधा लेकर आई है। इससे न केवल ईंधन उपलब्धता आसान होगी, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को समय पर लोगों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।





