- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- मुंबई एयरपोर्ट पर सोना...
मुंबई एयरपोर्ट पर सोना तस्करी का खुलासा, 23.63 करोड़ का सोना जब्त

मुंबई : डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) पर सोने की तस्करी करने वाले दो संगठित गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए दो अलग-अलग अभियानों में DRI ने 15.764 किलोग्राम 24-कैरेट विदेशी सोना जब्त किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग 23.63 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एजेंसी ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ कस्टम्स एक्ट, 1962 के तहत कार्रवाई की गई है। DRI के अनुसार, यह कार्रवाई 22 जुलाई से 24 जुलाई के बीच चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान की गई। इन अभियानों को “ऑपरेशन स्काई वॉल्ट” और “ऑपरेशन मिडस मॉप” नाम दिया गया था।
जांच एजेंसी का कहना है कि दोनों अभियानों के दौरान तस्करी के अलग-अलग तरीकों का खुलासा हुआ, जिनका इस्तेमाल आरोपी कस्टम्स जांच से बचने और अवैध रूप से सोना एयरपोर्ट से बाहर निकालने के लिए कर रहे थे।
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
The Directorate of Revenue Intelligence (DRI) has busted two gold-smuggling syndicates at Mumbai airport, seizing 15.764 kg of foreign-origin gold worth ₹23.63 crore and arresting eight persons. In "Operation Sky Vault," 12.004 kg of gold was recovered from an aircraft. In… pic.twitter.com/iM3TadBnWZ
— IANS (@ians_india) July 25, 2026
DRI अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी को मुंबई एयरपोर्ट के जरिए सोने की तस्करी करने वाले कुछ संगठित समूहों के बारे में जानकारी मिली थी। इनपुट के आधार पर यात्रियों और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ लोग विदेश से आने वाले यात्रियों के जरिए सोना भारत में लाने और फिर उसे एयरपोर्ट परिसर से बाहर पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद DRI की टीम ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका पहले से तय थी। कुछ लोग सोना लाने का काम करते थे, जबकि अन्य लोग उसे एयरपोर्ट से बाहर निकालने और आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालते थे।
दो अलग-अलग तरीकों से की जा रही थी तस्करी
DRI की जांच में सामने आया कि दोनों गिरोह सोने की तस्करी के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे थे। आरोपियों ने कस्टम्स जांच से बचने के लिए विशेष रणनीति बनाई थी।
एजेंसी के अनुसार, एक गिरोह यात्रियों के माध्यम से सोना देश में लाने की कोशिश कर रहा था, जबकि दूसरे नेटवर्क ने एयरपोर्ट प्रक्रिया में मौजूद खामियों का फायदा उठाने का प्रयास किया।
हालांकि, DRI अधिकारियों की सतर्कता के कारण दोनों योजनाओं को विफल कर दिया गया। जांचकर्ताओं ने संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर आरोपियों को पकड़ा और उनके पास से भारी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया।
24 कैरेट विदेशी सोने की हुई बरामदगी
DRI ने बताया कि जब्त किया गया सोना 24 कैरेट शुद्धता वाला विदेशी सोना है। बरामद सोने का वजन 15.764 किलोग्राम है, जिसकी बाजार कीमत करीब 23.63 करोड़ रुपये आंकी गई है।
इतनी बड़ी मात्रा में सोने की बरामदगी को एजेंसी एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से न केवल अवैध सोने की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का भी पता लगाया जा सकेगा।
आठ आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में DRI ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि तस्करी नेटवर्क की पूरी जानकारी हासिल की जा सके।
जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क के तार कहां-कहां तक जुड़े हैं और इसमें कितने अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। अधिकारियों को आशंका है कि बरामदगी के पीछे एक बड़ा संगठित तस्करी नेटवर्क काम कर सकता है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कस्टम्स एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एयरपोर्ट पर बढ़ाई गई निगरानी
मुंबई का छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बड़ी संख्या के कारण यहां तस्करी की कोशिशों को रोकना सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बना रहता है।
DRI, कस्टम्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करती रहती हैं। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के जरिए तस्करी के नए तरीकों की पहचान की जा रही है।
तस्करी नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी
DRI अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किस तरह से सोने की तस्करी करते थे और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कैसे की जा सकती है।
सोने की तस्करी भारत में लंबे समय से राजस्व और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती रही है। विदेशी सोने की अवैध बिक्री और उससे जुड़े नेटवर्क को रोकने के लिए लगातार अभियान चलाए जाते हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर हुई इस कार्रवाई को DRI की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। “ऑपरेशन स्काई वॉल्ट” और “ऑपरेशन मिडस मॉप” के तहत हुई यह कार्रवाई बताती है कि सुरक्षा एजेंसियां संगठित तस्करी गिरोहों पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।





