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मुंबई एयरपोर्ट पर सोना-हीरा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार

मुंबई। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुंबई ने सोने और हीरे की तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में बांग्लादेशी और श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने करीब 12.64 करोड़ रुपये का सोना और लगभग 1.10 करोड़ रुपये मूल्य के हीरे जब्त किए हैं। इस मामले में मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर काम करने वाले एक कर्मचारी की भूमिका भी सामने आई है।
DRI सूत्रों के मुताबिक एजेंसी को पहले से सूचना मिली थी कि मुंबई एयरपोर्ट के जरिए सोने और हीरे की तस्करी का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जांच के दौरान खास तौर पर एस.के. अंसारी नाम के एक व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली, जो एयरपोर्ट परिसर में खाने-पीने की एक दुकान में ग्राउंड स्टाफ के रूप में काम करता है।
जांच एजेंसी को संदेह था कि एयरपोर्ट पर काम करने की वजह से अंसारी को अंदरूनी व्यवस्थाओं और सुरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर तस्करी के सामान को एयरपोर्ट से बाहर निकालने में मदद की जा रही थी। इसके बाद DRI ने पूरे नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू की और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की।
जांच आगे बढ़ने पर एजेंसी के सामने कई अन्य लोगों के नाम भी आए। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आरोप है कि गिरोह अलग-अलग देशों से सोना और हीरे भारत लाता था और एयरपोर्ट पर मौजूद स्थानीय सहयोगियों की मदद से उन्हें बाहर पहुंचाने की कोशिश करता था।
DRI की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया गया। जब्त सोने की अनुमानित कीमत 12.64 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 1.10 करोड़ रुपये कीमत के हीरे भी जब्त किए गए हैं। इस तरह पूरे मामले में करोड़ों रुपये की तस्करी का खुलासा हुआ है।
एजेंसी की जांच का फोकस इस बात पर भी है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था और अब तक कितनी मात्रा में सोना और हीरे देश में लाए जा चुके हैं। अधिकारियों को आशंका है कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जिसमें भारत और विदेश में बैठे अन्य लोग भी शामिल हों।
एयरपोर्ट कर्मचारी की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। आमतौर पर एयरपोर्ट के संवेदनशील क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए सख्त पहचान और सुरक्षा व्यवस्था होती है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी की मदद से तस्करी की जा रही थी, तो जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने किस तरह सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दिया।
सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल फोन, बैंकिंग लेनदेन और आपसी संपर्कों की जांच की जा सकती है। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि सोना और हीरे कहां से लाए जा रहे थे और भारत में पहुंचने के बाद इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
DRI तस्करी से जुड़े मामलों में अक्सर यात्रियों, एयरपोर्ट कर्मचारियों और स्थानीय रिसीवरों के बीच बने नेटवर्क की जांच करती है। इस मामले में भी एजेंसी को आशंका है कि तस्करी का तरीका सुनियोजित था और इसमें अलग-अलग स्तरों पर लोगों की भूमिका तय थी।
विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद उनके यात्रा रिकॉर्ड और भारत आने-जाने की जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है। यह भी पता लगाया जाएगा कि वे पहले कितनी बार भारत आए और क्या उनके पुराने दौरों के दौरान भी ऐसी गतिविधियां हुई थीं।
सोने की तस्करी लंबे समय से जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू कीमतों में अंतर के कारण संगठित गिरोह अवैध तरीके से सोना भारत लाने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में तस्कर नए-नए तरीके अपनाते हैं, ताकि एयरपोर्ट पर जांच से बच सकें।
हीरों की तस्करी के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आते हैं, लेकिन इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये मूल्य के हीरे मिलने से जांच एजेंसी की चिंता बढ़ गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि हीरे किस देश से लाए गए थे और उनका अंतिम खरीदार कौन था।
अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट पर काम करने वाले कर्मचारी की भूमिका इस गिरोह के लिए अहम हो सकती थी। उसकी पहुंच और एयरपोर्ट की कार्यप्रणाली की जानकारी तस्करों के लिए मददगार साबित हो सकती थी। हालांकि पूरे नेटवर्क में किस आरोपी की क्या जिम्मेदारी थी, यह विस्तृत पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है। जब्त सोने और हीरों का मूल्यांकन भी कराया गया है। एजेंसी पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी है।
फिलहाल DRI की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। आठ लोगों की गिरफ्तारी और करोड़ों रुपये के सोने-हीरों की बरामदगी से मुंबई एयरपोर्ट के जरिए चल रहे कथित तस्करी नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर और लोगों की भूमिका उजागर हो सकती है।





