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Bandra अग्निकांड के पीड़ित अल्वेस परिवार के लिए फंडरेज़िंग अभियान

Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई के बांद्रा क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रभावित अल्वेस परिवार की मदद के लिए एक फंडरेज़िंग अभियान शुरू किया गया है। इस हादसे में परिवार ने अपने एक सदस्य को खो दिया और साथ ही उनका पुश्तैनी घर भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय स्तर पर और ऑनलाइन माध्यम से सहायता जुटाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
यह फंडरेज़िंग अभियान क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म मिलाप (Milaap) पर शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य परिवार की आर्थिक मदद करना और उनके घर के पुनर्निर्माण में सहायता प्रदान करना है। अभियान का लक्ष्य कुल 20 लाख रुपये जुटाने का रखा गया है, ताकि अल्वेस परिवार अपने जीवन को फिर से सामान्य कर सके।
गुरुवार शाम तक इस अभियान के तहत लगभग 10 लाख रुपये की राशि एकत्र हो चुकी थी, जो तय लक्ष्य का लगभग आधा हिस्सा है। स्थानीय समुदाय और विभिन्न लोगों ने आगे आकर इस कठिन समय में परिवार की सहायता के लिए योगदान दिया है। अभियान संचालकों का कहना है कि अभी भी दान की प्रक्रिया जारी है और लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीद है।
यह आग 26 मई की आधी रात के कुछ समय बाद बांद्रा के चियम गांव इलाके में लगी थी। उस समय ऑड्रे अल्वेस अपने बेटे एलिस्टेयर और पोते एड्रियन के साथ घर में मौजूद थीं। अचानक लगी आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
इस हादसे के दौरान एलिस्टेयर की पत्नी मारिया और उनके दो छोटे बच्चे मुंबई से बाहर थे, जिसके चलते वे घटना के समय घर पर मौजूद नहीं थे। हालांकि, परिवार को भारी व्यक्तिगत और भावनात्मक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए तुरंत कार्रवाई की थी, लेकिन तब तक घर को काफी नुकसान हो चुका था। आग लगने के कारणों की जांच भी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
समुदाय के लोगों ने इस कठिन समय में अल्वेस परिवार के प्रति सहानुभूति और समर्थन व्यक्त किया है। कई स्थानीय संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता भी राहत कार्यों में शामिल हुए हैं और परिवार को आवश्यक सहायता पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
फंडरेज़िंग अभियान के आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर योगदान दें ताकि परिवार को पुनर्वास में मदद मिल सके। उनका कहना है कि यह प्रयास केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि मानवीय सहयोग का भी प्रतीक है।
कुल मिलाकर, बांद्रा अग्निकांड के बाद अल्वेस परिवार के लिए शुरू किया गया यह फंडरेज़िंग अभियान न केवल उनकी आर्थिक मदद कर रहा है, बल्कि समुदाय की एकजुटता और संवेदनशीलता को भी दर्शा रहा है।





