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महाराष्ट्र
सेमीकंडक्टर से डिफेंस तक असम में तैयार हो रहा नया औद्योगिक इकोसिस्टम
Ratna Netam
24 Sept 2026 5:41 PM IST

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मुंबई। असम के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ ने राज्य के औद्योगिक विकास में मानव संसाधन को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा है कि निवेश और औद्योगीकरण का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब इसका असर युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार, उद्यमिता और बेहतर आर्थिक अवसरों के रूप में सामने आए। उन्होंने कहा कि असम अब अपनी पारंपरिक आर्थिक पहचान से आगे बढ़ते हुए कई आधुनिक और उभरते क्षेत्रों में विकास का नया इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जयंत मल्लाबरुआ ने मुंबई के ताज महल पैलेस में आयोजित 13वें SBI बैंकिंग और इकोनॉमिक्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए असम में निवेश की संभावनाओं और बदलते आर्थिक परिदृश्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य में उपलब्ध मानव संसाधन औद्योगीकरण की प्रक्रिया को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मल्लाबरुआ ने कहा कि असम लंबे समय से चाय, पेट्रोलियम और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए जाना जाता रहा है। इन क्षेत्रों ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है, लेकिन अब असम अपनी आर्थिक संभावनाओं का विस्तार कर रहा है। राज्य सरकार ऐसे नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनमें भविष्य में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार की संभावनाएं मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में असम के लिए नए अवसर तैयार हो रहे हैं। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, हेल्थकेयर, एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में भी विकास का नया इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में होने वाले निवेश से राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य में औद्योगीकरण को सफल बनाने के लिए केवल प्राकृतिक संसाधन या पूंजी पर्याप्त नहीं होते। इसके लिए प्रशिक्षित और सक्षम मानव संसाधन भी बेहद जरूरी है। असम के पास बड़ी युवा आबादी है और इसे कौशल तथा रोजगार के अवसरों से जोड़कर राज्य की आर्थिक प्रगति को और तेज किया जा सकता है।मल्लाबरुआ ने कहा, “औद्योगीकरण के लिए असम का सबसे बड़ा संसाधन उसका मानव संसाधन है और यही बात आज असम को निवेश के लिए सबसे आकर्षक जगहों में से एक बनाती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निवेश से होने वाले आर्थिक बदलाव का लाभ आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में आने वाले निवेश को केवल परियोजनाओं या पूंजी के आंकड़ों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। निवेश का वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि उससे कितने रोजगार पैदा होते हैं, स्थानीय युवाओं को कितने अवसर मिलते हैं और नए उद्यमियों के लिए कितनी संभावनाएं तैयार होती हैं।असम सरकार का फोकस युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वालों के रूप में देखने के बजाय उन्हें उद्यमिता की दिशा में भी आगे बढ़ाने पर है। नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर छोटे और मध्यम कारोबार के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं। बड़े उद्योगों के साथ सप्लाई चेन, परिवहन, सेवाओं और अन्य सहयोगी क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहती है।
फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र को लेकर भी असम के पास व्यापक संभावनाएं हैं। कृषि उत्पादन और स्थानीय उत्पादों को आधुनिक प्रोसेसिंग तथा बाजार व्यवस्था से जोड़कर किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं। इसी तरह पर्यटन क्षेत्र राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और विरासत के कारण रोजगार सृजन का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में विकास से असम की क्षेत्रीय व्यापार में भूमिका बढ़ सकती है। पूर्वोत्तर भारत में अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण असम परिवहन और व्यापार गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होने की क्षमता रखता है। बेहतर बुनियादी ढांचे और औद्योगिक निवेश से राज्य में वस्तुओं तथा सेवाओं की आवाजाही को और मजबूत किया जा सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में निवेश से भी राज्य में नई आर्थिक गतिविधियां पैदा होने की संभावना है। वहीं एयरोस्पेस और डिफेंस जैसे उच्च तकनीक वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ना असम के औद्योगिक ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।वित्त मंत्री के संबोधन का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि औद्योगिक विकास को रोजगार और मानव संसाधन विकास से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने असम की युवा आबादी को राज्य की आर्थिक ताकत बताते हुए संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में नए उद्योगों और निवेश के साथ कौशल विकास तथा उद्यमिता के अवसरों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
असम की अर्थव्यवस्था लंबे समय तक चाय, तेल और कृषि जैसे पारंपरिक क्षेत्रों पर आधारित रही है। अब सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी और डिफेंस जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ने की कोशिश राज्य के आर्थिक आधार को अधिक विविध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इस औद्योगिक बदलाव का सीधा फायदा राज्य के युवाओं को बेहतर रोजगार, नए कारोबार और आर्थिक अवसरों के रूप में मिले।
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