- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- भिलाड स्टेशन पर MEMU...

मुंबई : गुजरात के भिलाड रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह एक ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना सामने आई। विरार-भरूच MEMU ट्रेन (ट्रेन नंबर 19101) के आगे वाले ड्राइविंग मोटर कोच (DMC) के चार पहिए प्लेटफॉर्म पर पहुंचते समय पटरी से उतर गए। हादसा सुबह करीब 6:27 बजे हुआ। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेलवे कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन सामान्य गति से भिलाड स्टेशन की ओर बढ़ रही थी। प्लेटफॉर्म पर प्रवेश करते समय ट्रेन के अगले हिस्से के ड्राइविंग मोटर कोच के पहिए पटरी से उतर गए। घटना के तुरंत बाद रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और राहत एवं बहाली का काम शुरू कर दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही वलसाड से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन (ART) और दुर्घटना राहत उपकरण घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर पटरी से उतरे कोच को वापस ट्रैक पर लाने के काम में जुट गई। अधिकारियों का कहना है कि परिचालन सामान्य करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर काम किया जा रहा है।
इस घटना के कारण पश्चिम रेलवे की ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। भिलाड स्टेशन के पास ट्रेन संचालन प्रभावित होने से कई लंबी दूरी की ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ा है। कुछ ट्रेनों को धीमी गति से चलाया जा रहा है, जबकि कई ट्रेनों के समय में देरी दर्ज की गई है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, गुजरात की ओर से आने वाली कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किए जाने की संभावना है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ट्रेनों की आवाजाही को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास कर रहा है।
घटना के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस को विरार स्टेशन पर 30 मिनट से अधिक समय तक रोके जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा, इस रूट से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेते रहें।
पश्चिम रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। रेलवे की तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रेन के पहिए पटरी से उतरने की वजह क्या थी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी मिल सकेगी।
रेलवे के लिए ऐसी घटनाओं में सबसे बड़ी चुनौती यातायात को जल्द से जल्द बहाल करना होती है। दुर्घटना राहत दलों को इसी उद्देश्य से तुरंत सक्रिय किया गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने ट्रैक की जांच शुरू कर दी है ताकि किसी अन्य तकनीकी समस्या की संभावना को दूर किया जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा को रेलवे हमेशा प्राथमिकता देता है और इस घटना में किसी के हताहत नहीं होने से अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, ट्रेन सेवाओं में देरी के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
मुंबई और गुजरात के बीच चलने वाली MEMU और अन्य यात्री ट्रेनें बड़ी संख्या में यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण साधन हैं। ऐसे में थोड़ी देर के लिए भी परिचालन प्रभावित होने से कई यात्रियों की यात्रा योजना पर असर पड़ता है।
रेलवे प्रशासन की ओर से बताया गया है कि बहाली का काम तेजी से जारी है। ट्रैक साफ होने और सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ट्रेनों का संचालन धीरे-धीरे सामान्य किया जाएगा।
फिलहाल रेलवे की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रित करने में लगी हुई हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल रेलवे की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।





