महाराष्ट्र

दिशा सालियन मामले में चार लोगों ने मांगी सुरक्षा

Ratna Netam
27 Sept 2026 4:58 PM IST
दिशा सालियन मामले में चार लोगों ने मांगी सुरक्षा
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मुंबई। दिशा सालियन से जुड़े मामले में उनके पिता सतीश सालियन समेत चार लोगों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की गई है। सतीश सालियन का पक्ष रख रहे वकील नीलेश ओझा ने रविवार को इसकी जानकारी दी। ओझा के मुताबिक सतीश सालियन, समीर वानखेड़े, आशुतोष पाठक और उन्होंने खुद पुलिस सुरक्षा मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उन्हें शिवसेना (UBT) से जुड़े नेताओं की ओर से धमकियां मिल रही हैं।वकील नीलेश ओझा ने बताया कि सुरक्षा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), भारत के मुख्य न्यायाधीश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े चार लोगों की सुरक्षा को लेकर यह मांग उठाई गई है।
ओझा ने कहा कि CBI की FIR दर्ज होने के बाद तुरंत संबंधित अधिकारियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को पत्र भेजकर पुलिस सुरक्षा की मांग की गई। उनके मुताबिक जिन चार लोगों के लिए सुरक्षा मांगी गई है, उनमें दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन, समीर वानखेड़े, आशुतोष पाठक और वे स्वयं शामिल हैं।उन्होंने कहा, “CBI की FIR दर्ज होने के बाद तुरंत एक पत्र लिखकर चार लोगों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की गई। इनमें सतीश सालियन, हमारे गवाह समीर वानखेड़े, मैं खुद और आशुतोष पाठक शामिल हैं।”
वकील की ओर से सुरक्षा की मांग ऐसे समय में सामने आई है जब दिशा सालियन से जुड़े मामले को लेकर एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक हलचल तेज हुई है। ओझा ने दावा किया कि मामले से जुड़े लोगों को धमकियां मिल रही हैं, जिसके कारण उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।ओझा ने विशेष रूप से शिवसेना (UBT) से जुड़े नेताओं पर धमकी देने का आरोप लगाया है। हालांकि ये आरोप वकील नीलेश ओझा की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों पर संबंधित नेताओं या पार्टी की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।
सतीश सालियन की ओर से कानूनी पक्ष रख रहे ओझा का कहना है कि सुरक्षा की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में केवल राज्य सरकार से ही संपर्क नहीं किया गया, बल्कि केंद्र सरकार और अन्य संबंधित संस्थाओं तक भी अपनी बात पहुंचाई गई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजने के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी सुरक्षा की मांग से अवगत कराया गया है। इसके अलावा CBI और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र भेजे जाने की बात कही गई है।
वकील के अनुसार चारों लोगों की सुरक्षा की मांग CBI की FIR दर्ज होने के बाद की गई। उन्होंने कहा कि मामले में सामने आ रही परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। ओझा ने समीर वानखेड़े को इस मामले में अपना गवाह बताया और उनके लिए भी पुलिस सुरक्षा की मांग की है।इसके साथ ही आशुतोष पाठक का नाम भी सुरक्षा की मांग वाले लोगों में शामिल किया गया है। ओझा ने अपने लिए भी पुलिस सुरक्षा मांगी है। इस तरह कुल चार लोगों की सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
मामले में सबसे प्रमुख नाम दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन का है। उनका कानूनी पक्ष नीलेश ओझा संभाल रहे हैं। ओझा का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सतीश सालियन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।वकील की ओर से लगाए गए धमकी के आरोपों के बाद अब सुरक्षा की मांग पर संबंधित एजेंसियों और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदम पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सुरक्षा की मांग पर किसी संबंधित प्राधिकरण ने क्या निर्णय लिया है।
ओझा ने अपनी बात रखते हुए CBI की FIR का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक FIR दर्ज होने के बाद सुरक्षा को लेकर तुरंत पत्र लिखा गया। इससे साफ है कि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी संबंधित अधिकारियों के सामने रखी है।दिशा सालियन से जुड़ा मामला पहले से ही लंबे समय से चर्चा में रहा है। अब उनके पिता और मामले से जुड़े अन्य लोगों के लिए सुरक्षा की मांग सामने आने के बाद इस पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है। वकील ने सीधे तौर पर धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
ओझा की ओर से भेजे गए पत्र में चारों लोगों को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर अपनी मांग पहुंचाई है। इसके अलावा मामले की जांच से जुड़ी एजेंसी CBI को भी सुरक्षा संबंधी चिंता से अवगत कराने की बात कही गई है।वकील के बयान के मुताबिक उनकी मुख्य चिंता उन लोगों की सुरक्षा है जो इस मामले से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सतीश सालियन के साथ समीर वानखेड़े, आशुतोष पाठक और अपने लिए सुरक्षा मांगी है।
फिलहाल सुरक्षा उपलब्ध कराने को लेकर अंतिम फैसला संबंधित प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को करना है। वकील की ओर से किए गए दावों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं शिवसेना (UBT) के नेताओं पर लगाए गए धमकी के आरोप भी ओझा के दावे हैं।कुल मिलाकर दिशा सालियन से जुड़े मामले में अब सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। सतीश सालियन के वकील नीलेश ओझा ने चार लोगों को धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस सुरक्षा मांगी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, CBI, भारत के मुख्य न्यायाधीश और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजने की बात कही है। अब इस मांग पर संबंधित अधिकारियों की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
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