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डॉक्टर पर हमले के मामले में शिवसेना पार्षद समेत 4 ने किया सरेंडर

ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक डॉक्टर पर हमले से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी जमानत रद्द किए जाने के बाद चारों आरोपी रविवार को अदालत पहुंचे और आत्मसमर्पण किया। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अधिकारियों के मुताबिक चारों आरोपियों को कल्याण स्थित आधारवाड़ी जेल भेजा गया है।
मामला एक डॉक्टर पर कथित हमले से जुड़ा हुआ है। इस मामले में रमेश म्हात्रे को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उनके साथ मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों ने भी अदालत के सामने सरेंडर किया। इससे पहले आरोपियों को जमानत मिली हुई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद उनके सामने अदालत में आत्मसमर्पण करने की स्थिति बनी।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को चारों आरोपी ठाणे जिले की संबंधित ट्रायल कोर्ट के सामने पेश हुए। अदालत के समक्ष सरेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। इसके बाद पुलिस और जेल प्रशासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरोपियों को कल्याण की आधारवाड़ी जेल भेज दिया गया।
रमेश म्हात्रे स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं और शिवसेना से जुड़े पार्षद हैं। डॉक्टर पर हमले के मामले में उनका नाम मुख्य आरोपी के रूप में सामने आया था। हालांकि मामले में आरोपों पर अंतिम फैसला ट्रायल कोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप फिलहाल न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का जमानत रद्द करने का फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी आपराधिक मामले में आरोपी को जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं होता। जमानत मुकदमे के दौरान आरोपी की हिरासत से संबंधित कानूनी राहत होती है। वहीं अदालत परिस्थितियों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जमानत रद्द भी कर सकती है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।
सरेंडर के बाद चारों आरोपियों को आधारवाड़ी जेल भेजे जाने से अब वे न्यायिक हिरासत में रहेंगे। आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अदालत के आदेशों के अनुसार चलेगी। मामले की अगली सुनवाई और अन्य न्यायिक कार्यवाही के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने रखेंगे।
डॉक्टर पर कथित हमले से जुड़े इस मामले में अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक रमेश म्हात्रे के अलावा तीन अन्य लोग भी आरोपी हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश इन चारों आरोपियों से संबंधित था। जमानत रद्द होने के बाद आरोपियों के आत्मसमर्पण पर नजर बनी हुई थी और रविवार को चारों ने अदालत पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
आत्मसमर्पण के बाद अदालत में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। आरोपियों को कल्याण स्थित आधारवाड़ी जेल में रखा गया है। अब ट्रायल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
किसी मामले में जमानत रद्द होने के बाद आरोपी को अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए हिरासत में लौटना पड़ता है। आरोपी स्वयं अदालत में आत्मसमर्पण कर सकता है या आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में चारों आरोपियों ने अदालत के सामने सरेंडर का रास्ता अपनाया।
मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में है क्योंकि मुख्य आरोपी एक निर्वाचित पार्षद और शिवसेना से जुड़े नेता हैं। हालांकि राजनीतिक पद या दल से जुड़ाव से अलग अदालत में मामला कानूनी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर तय किया जाएगा। डॉक्टर पर हमले के आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण भी न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।
अदालत में चलने वाली आगे की कार्यवाही के दौरान मामले से जुड़े गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों पर विचार किया जा सकता है। अभियोजन पक्ष आरोपों के समर्थन में अपना पक्ष रखेगा, जबकि बचाव पक्ष को भी आरोपों का जवाब देने और अपना पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
फिलहाल सबसे बड़ा घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद चारों आरोपियों का आत्मसमर्पण है। रविवार को हुई इस कार्रवाई के साथ आरोपी एक बार फिर न्यायिक हिरासत में पहुंच गए हैं। अदालत के आदेश के बाद उन्हें आधारवाड़ी जेल भेज दिया गया।
मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे, यह ट्रायल कोर्ट में होने वाली सुनवाई और संबंधित पक्षों की ओर से दाखिल की जाने वाली अर्जियों पर निर्भर करेगा। यदि आरोपी आगे किसी तरह की कानूनी राहत चाहते हैं तो उन्हें निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत का रुख करना होगा।
डॉक्टर पर कथित हमले का मामला अब ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में मुख्य आरोपी रमेश म्हात्रे और तीन अन्य आरोपियों का सरेंडर हो चुका है। चारों फिलहाल न्यायिक हिरासत में आधारवाड़ी जेल भेजे गए हैं और मामले में अदालत की आगे की कार्यवाही का इंतजार है।





