- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- SGNP में अटल बिहारी...
SGNP में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय प्रस्ताव पर वन विभाग की आपत्ति

Maharashtra महाराष्ट्र: संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) परिसर के भीतर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर प्रस्तावित विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर सरकार की योजना को झटका लगा है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने इस प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस तरह की परियोजना से वन क्षेत्र के उपयोग में बदलाव हो सकता है और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की ओर से इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय उद्यान जैसे संरक्षित क्षेत्र में बड़े शैक्षणिक संस्थान की स्थापना पर्यावरण संतुलन के लिए चुनौती बन सकती है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण से न केवल भूमि उपयोग बदलेगा, बल्कि आसपास के वन्यजीवों के आवागमन और उनके प्राकृतिक जीवन चक्र में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
वन विभाग ने इस बात पर जोर दिया है कि संजय गांधी नेशनल पार्क एक संवेदनशील और संरक्षित जैव विविधता क्षेत्र है, जहां विभिन्न प्रकार के वन्यजीव पाए जाते हैं। ऐसे में किसी भी बड़े निर्माण कार्य से पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि, विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि यदि सरकार वास्तव में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक विश्व-स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करना चाहती है, तो इसके लिए राष्ट्रीय उद्यान के अधिसूचित क्षेत्र से बाहर उपयुक्त भूमि की तलाश की जानी चाहिए। वन विभाग का मानना है कि वैकल्पिक स्थान पर परियोजना को बिना पर्यावरणीय नुकसान के सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सकता है।
इस मुद्दे ने अब प्रशासनिक और पर्यावरणीय स्तर पर बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर जहां सरकार इस परियोजना को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देख रही है, वहीं वन विभाग इसे पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील मामला मान रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में बड़े शैक्षणिक या औद्योगिक प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले पर्यावरणीय प्रभाव का गहन मूल्यांकन जरूरी होता है। SGNP जैसे क्षेत्र में किसी भी निर्माण से न केवल वनस्पति बल्कि वहां रहने वाले जानवरों पर भी असर पड़ सकता है।
यह मामला अब आगे की मंजूरी और समीक्षा प्रक्रिया पर निर्भर करेगा, जहां विभिन्न विभागों की राय को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, वन विभाग की आपत्ति ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की राह में एक महत्वपूर्ण बाधा खड़ी कर दी है।
कुल मिलाकर, SGNP में विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव फिलहाल पर्यावरणीय चिंताओं के कारण अटकता नजर आ रहा है, और सरकार के सामने वैकल्पिक स्थान तलाशने की चुनौती बढ़ गई है।





