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खोपोली के ज़ेनिथ वॉटरफॉल में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, मुंबई के करीब 80 पर्यटक फंसे

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के खोपोली स्थित मशहूर ज़ेनिथ वॉटरफॉल में शनिवार को अचानक भारी बारिश के कारण हालात बिगड़ गए, जिससे मुंबई से आए लगभग 80 पर्यटक फंस गए। तेज बारिश के चलते वॉटरफॉल क्षेत्र में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया और ओवरफ्लो की स्थिति बन गई, जिससे पर्यटकों का वापसी मार्ग बंद हो गया।
जानकारी के अनुसार, मुंबई सेंट्रल, चेंबूर और घाटकोपर क्षेत्र से आए ये पर्यटक सुबह करीब 7 बजे वॉटरफॉल एरिया में पहुंचे थे। उस समय मौसम साफ था और बारिश नहीं हो रही थी, जिससे पर्यटकों ने बिना किसी आशंका के प्राकृतिक स्थल के अंदर प्रवेश किया। हालांकि, सुबह करीब 10 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई।
तेज बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र से बहने वाला पानी तेजी से बढ़ गया और झरने का जलस्तर खतरनाक रूप से ऊपर आ गया। कुछ ही समय में स्थिति ऐसी बन गई कि पर्यटकों के लौटने के सभी रास्ते जलभराव और तेज बहाव की वजह से बंद हो गए। इससे वहां मौजूद लोगों में घबराहट का माहौल पैदा हो गया।
अधिकारियों के अनुसार, पर्यटकों के दो अलग-अलग समूह इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर फंस गए। एक समूह वॉटरफॉल क्षेत्र के अंदर लगभग 500 मीटर की दूरी पर फंसा हुआ था, जबकि दूसरा समूह प्रवेश द्वार से करीब एक किलोमीटर दूर फंस गया था। दोनों जगहों पर पानी का बहाव तेज होने के कारण लोग सुरक्षित रूप से बाहर नहीं निकल पा रहे थे।
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल को सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार बारिश के कारण राहत कार्य में चुनौतियां आईं, लेकिन टीमों ने संयम और सतर्कता के साथ ऑपरेशन जारी रखा।
प्रशासन के अनुसार, इस तरह के पहाड़ी और जलप्रपात क्षेत्रों में मौसम अचानक बदलने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए पर्यटकों को पहले ही सतर्क रहने और मौसम अपडेट देखने की सलाह दी जाती है। लेकिन सुबह मौसम साफ होने के कारण पर्यटक बिना किसी जोखिम के स्थल के अंदर चले गए, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही, वॉटरफॉल क्षेत्र में प्रवेश और निकास पर अस्थायी रूप से नियंत्रण भी कड़ा किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
राहत दलों का कहना है कि फंसे हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यक्ति को चोट न पहुंचे और सभी को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर मौसम की अनिश्चितता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे स्थानों पर जाते समय मौसम की जानकारी जरूर लें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।





