महाराष्ट्र

अमरावती के जिला महिला अस्पताल के NICU में आग, तीन नवजात शिशुओं की मौत

Kavita2
24 Aug 2026 9:55 AM IST
अमरावती के जिला महिला अस्पताल के NICU में आग, तीन नवजात शिशुओं की मौत
x

अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती में सोमवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। जिला महिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) में आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित नियोनेटल यूनिट में तड़के करीब 3:30 बजे लगी। आग लगने के पीछे NICU में मौजूद एक वेंटिलेटर में कथित धमाके की बात सामने आ रही है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

तड़के अस्पताल में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। NICU में गंभीर स्थिति वाले नवजात शिशुओं को रखा जाता है, जिन्हें लगातार चिकित्सकीय निगरानी और विशेष उपकरणों की आवश्यकता होती है। ऐसे में यूनिट के भीतर आग लगने के बाद बच्चों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती बन गया।




प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना तड़के करीब साढ़े तीन बजे की है। उस समय अस्पताल में मरीजों के साथ उनके परिजन और स्वास्थ्य कर्मचारी मौजूद थे। अचानक NICU की ओर से आग और धुआं दिखाई देने के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थिति को संभालने और यूनिट में मौजूद नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश शुरू की।

बताया जा रहा है कि नियोनेटल यूनिट में लगे एक वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग भड़की। आग ने आसपास के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया और धुआं फैलने लगा। हालांकि वेंटिलेटर में धमाका किस वजह से हुआ और क्या उसमें किसी प्रकार की तकनीकी खराबी थी, इसका पता जांच के बाद चलेगा। बिजली के तारों, चिकित्सा उपकरणों और अन्य संभावित कारणों की भी जांच किए जाने की संभावना है।

इस हादसे में तीन नवजात शिशुओं की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में मातम का माहौल बन गया। जिन परिवारों ने अपने नवजात बच्चों को बेहतर इलाज और देखभाल की उम्मीद में अस्पताल के NICU में भर्ती कराया था, उनके लिए यह हादसा बड़ा सदमा बनकर सामने आया है।

आग की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग सक्रिय हुए। NICU में मौजूद अन्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रभावित क्षेत्र से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान अस्पताल के कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गंभीर हालत वाले नवजातों को उनके आवश्यक मेडिकल सपोर्ट के साथ सुरक्षित जगह पहुंचाने की रही।

घटना के बाद अब अस्पताल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। NICU जैसे संवेदनशील विभाग में बड़ी संख्या में बिजली से चलने वाले चिकित्सा उपकरण इस्तेमाल किए जाते हैं। वेंटिलेटर, मॉनिटर, वार्मर और अन्य जीवनरक्षक उपकरण लगातार काम करते हैं। ऐसे में बिजली और अग्नि सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण होता है।

जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि अस्पताल में अग्निशमन उपकरण पर्याप्त संख्या में मौजूद थे या नहीं और घटना के समय उन्होंने सही तरीके से काम किया या नहीं। इसके अलावा फायर अलार्म, इमरजेंसी निकास और कर्मचारियों की अग्नि सुरक्षा संबंधी ट्रेनिंग जैसे पहलुओं की भी समीक्षा की जा सकती है।

वेंटिलेटर में कथित धमाके की जानकारी सामने आने के बाद उपकरण की तकनीकी स्थिति भी जांच के केंद्र में आ सकती है। यह पता लगाया जाएगा कि वेंटिलेटर कितना पुराना था, उसका अंतिम रखरखाव कब किया गया था और घटना से पहले उसमें किसी तकनीकी समस्या की शिकायत सामने आई थी या नहीं। यदि उपकरण में खराबी पाई जाती है तो उसके रखरखाव से संबंधित रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

अस्पताल में आग की घटनाएं विशेष रूप से गंभीर मानी जाती हैं क्योंकि यहां मौजूद मरीजों में कई लोग स्वयं सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की स्थिति में नहीं होते। NICU में भर्ती नवजात तो पूरी तरह स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सा उपकरणों पर निर्भर रहते हैं। इसी वजह से ऐसे विभागों में आग से बचाव के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है।

तीन नवजातों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों की ओर से भी घटना की विस्तृत जांच की मांग उठ सकती है। परिवारों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या इसके पीछे किसी स्तर पर लापरवाही जिम्मेदार थी। जांच रिपोर्ट से ही इन सवालों का जवाब मिल सकेगा।

अस्पताल प्रशासन से घटना के समय NICU में मौजूद बच्चों की संख्या, उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए उठाए गए कदम और आग पर काबू पाने की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। प्रशासन द्वारा घटना से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

इस हादसे के बाद राज्य के अन्य सरकारी अस्पतालों में भी NICU और ICU जैसे संवेदनशील विभागों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की आवश्यकता महसूस की जा सकती है। मेडिकल उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच, बिजली के लोड की निगरानी और अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित करना ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

फिलहाल अमरावती जिला महिला अस्पताल में तीन नवजात शिशुओं की मौत से शोक का माहौल है। शुरुआती तौर पर वेंटिलेटर में धमाके के बाद आग लगने की बात कही जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही सामने आएगा। अब प्रशासन के सामने हादसे की वजह का पता लगाने के साथ यह तय करने की चुनौती है कि कहीं किसी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं बरती गई थी।

Next Story