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मुंबई-ठाणे में 19 फूड प्रतिष्ठानों पर FDA की कार्रवाई, कयानी एंड कंपनी का लाइसेंस निलंबित

मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े गंभीर उल्लंघनों को लेकर मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में 19 खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच के दौरान कई जगहों पर सफाई की खराब स्थिति, भोजन के अनुचित भंडारण, कीटों की मौजूदगी और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आने के बाद कार्रवाई की गई। इनमें 13 प्रतिष्ठान मुंबई में हैं, जबकि छह ठाणे और नवी मुंबई में स्थित हैं।
कार्रवाई की सूची में कयानी एंड कंपनी, कोलाबा स्वीट मार्ट, अरुण विलास फरसाण, रुचि वेज रेस्तरां, डैफोडिल्स फास्ट फूड इन और सबवे समेत कई प्रतिष्ठानों के नाम शामिल हैं। FDA अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर वहां भोजन तैयार करने, स्टोरेज, सफाई और कच्चे व तैयार खाद्य पदार्थों को रखने की व्यवस्था की जांच की।
सबसे गंभीर स्थिति कयानी एंड कंपनी में सामने आई। 27 सितंबर को कालबादेवी स्थित कयानी एंड कंपनी का निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों को भोजन तैयार करने और भंडारण वाले हिस्सों में कई गंभीर खामियां मिलीं। जांच टीम ने वहां बिल्लियां घूमते हुए देखीं और चूहों की बीट भी पाई। इसके अलावा जीवित मक्खियां और मृत तिलचट्टे भी मिले।
निरीक्षण के दौरान रेफ्रिजरेटर की स्थिति भी खराब पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक फ्रिज के अंदर बड़ी मात्रा में खून जमा था। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से रखने के बजाय वहां ऐसी स्थिति पाई गई, जिससे खाद्य सामग्री के दूषित होने का खतरा बढ़ सकता था।
प्रसंस्करण क्षेत्र में एक खुला सीवेज मैनहोल भी मिला। भोजन तैयार किए जाने वाले इलाके के पास खुले सीवेज मैनहोल की मौजूदगी को अधिकारियों ने गंभीर स्वच्छता उल्लंघन माना। ऐसे स्थानों पर बैक्टीरिया, दुर्गंध और अन्य प्रदूषकों के जरिए खाद्य सामग्री प्रभावित होने की आशंका रहती है।
FDA की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ खाद्य सामग्री सीधे फर्श पर रखी हुई थी। खाद्य सुरक्षा के नियमों के तहत भोजन और कच्चे माल को जमीन से पर्याप्त ऊंचाई पर सुरक्षित तरीके से रखा जाना चाहिए, ताकि धूल, गंदगी, पानी और कीटों से उसका संपर्क न हो।
कच्चे आटे को मुद्रित समाचार पत्र से ढककर रखा गया था। अधिकारियों ने इसे भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना। खाद्य पदार्थों को अखबार से ढकना सुरक्षित नहीं माना जाता, क्योंकि प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाली स्याही और अन्य रसायन भोजन के संपर्क में आ सकते हैं।
इसके अलावा कच्चे और खाने के लिए तैयार भोजन को भी सही तरीके से अलग-अलग नहीं रखा गया था। इससे क्रॉस कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है। खाद्य सुरक्षा के नियमों के मुताबिक कच्चे मांस, सब्जियों और तैयार भोजन को अलग-अलग रखना जरूरी है, ताकि हानिकारक बैक्टीरिया तैयार खाद्य पदार्थों तक न पहुंचें।
इन गंभीर खामियों के बाद कयानी एंड कंपनी का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रतिष्ठान को जरूरी सुधार करने और सभी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लाइसेंस बहाली से पहले प्रतिष्ठान की दोबारा जांच की जा सकती है।
FDA की कार्रवाई केवल कयानी एंड कंपनी तक सीमित नहीं रही। मुंबई के अन्य प्रतिष्ठानों में भी स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित अलग-अलग तरह की खामियां पाई गईं। इनमें खाद्य सामग्री के रखरखाव, रसोई की सफाई, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों द्वारा स्वच्छता नियमों के पालन से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
कोलाबा स्वीट मार्ट और अरुण विलास फरसाण जैसे प्रतिष्ठानों में भी अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। मिठाई और फरसाण की दुकानों में विशेष रूप से तेल, घी, दूध से बने पदार्थों और खुले खाद्य उत्पादों के भंडारण पर नजर रखी गई।
रुचि वेज रेस्तरां, डैफोडिल्स फास्ट फूड इन और सबवे जैसे रेस्तरां तथा फास्ट फूड प्रतिष्ठानों में भी किचन, स्टोरेज और फूड हैंडलिंग से जुड़े मानकों की जांच की गई। जिन जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया, वहां स्थिति की गंभीरता के मुताबिक नोटिस, लाइसेंस निलंबन या अन्य कार्रवाई की गई।
FDA का कहना है कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता से जुड़ी लापरवाही सीधे ग्राहकों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। दूषित भोजन के कारण फूड पॉइजनिंग, संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसी कारण त्योहारों और अधिक बिक्री वाले समय में निरीक्षण और निगरानी बढ़ाई जाती है।
मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में बड़ी संख्या में लोग रोजाना होटल, रेस्तरां, मिठाई की दुकानों और फास्ट फूड आउटलेट पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए तय सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी माना जाता है।
FDA की कार्रवाई के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को अपनी कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित किया गया है, उन्हें दोबारा कारोबार शुरू करने से पहले विभाग की शर्तों का पालन करना होगा।
फिलहाल महाराष्ट्र FDA ने साफ संकेत दिया है कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। 19 प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र के अन्य होटल, रेस्तरां और खाद्य दुकानों की भी जांच बढ़ाए जाने की संभावना है।





