महाराष्ट्र

FDA चीफ की चेतावनी बड़े सितारों पर भी होगी कार्रवाई

Ratna Netam
17 Aug 2026 10:02 PM IST
FDA चीफ की चेतावनी बड़े सितारों पर भी होगी कार्रवाई
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मुंबई। महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कार्रवाई कर रहे **फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे** एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार FDA के निशाने पर बॉलीवुड के बड़े सितारे हैं। विभाग ने अभिनेता Shah Rukh Khan, Ajay Devgn और Tiger Shroff को विमल इलायची के विज्ञापन से जुड़े मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA को आशंका है कि इलायची के नाम पर किया गया प्रचार प्रतिबंधित पान मसाला ब्रांड का अप्रत्यक्ष यानी सरोगेट प्रमोशन हो सकता है।
इस कार्रवाई ने मनोरंजन और विज्ञापन जगत में हलचल पैदा कर दी है। FDA का रुख है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े नियमों के मामले में सेलिब्रिटी की लोकप्रियता कार्रवाई में बाधा नहीं बनेगी। तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन में उनकी भूमिका और ब्रांड के साथ जुड़ाव को लेकर जवाब मांगा गया है।
आखिर किस विज्ञापन पर है विवाद?
मामला **विमल इलायची** के विज्ञापन से जुड़ा है। विज्ञापन में सीधे तौर पर इलायची उत्पाद का प्रचार किया जाता है, लेकिन FDA का कहना है कि वही ब्रांडिंग विमल पान मसाला से जुड़ी हुई है। महाराष्ट्र में संबंधित प्रतिबंधित उत्पाद को देखते हुए नियामक यह जांच रहा है कि कहीं इलायची का विज्ञापन वास्तविकता में पान मसाला की ब्रांड रिकॉल बनाए रखने का तरीका तो नहीं है।
इसी प्रक्रिया को सरोगेट एडवरटाइजिंग कहा जाता है। इसमें किसी प्रतिबंधित या सीधे विज्ञापित नहीं किए जा सकने वाले उत्पाद से मिलते-जुलते नाम और ब्रांडिंग वाले दूसरे उत्पाद का प्रचार किया जाता है।
FDA ने फिलहाल नोटिस जारी किया है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अभिनेताओं को दोषी ठहरा दिया गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और विभाग की जांच के आधार पर तय होगी।
15 दिनों में प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक FDA ने शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से संबंधित प्रचार सामग्री को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाने के लिए भी कहा है। इसके लिए **15 दिन का समय** दिया गया है।
इसके अलावा सेलिब्रिटीज से ब्रांड एंडोर्समेंट से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है। FDA यह जानना चाहता है कि विज्ञापन के लिए किस तरह का समझौता हुआ और संबंधित कलाकारों की इसमें क्या भूमिका रही।
इस कार्रवाई का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत में सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का उपभोक्ताओं, खासकर युवाओं पर बड़ा प्रभाव माना जाता है।
तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में सख्त अभियान
महाराष्ट्र FDA की यह कार्रवाई विभाग के व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है। तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में विभाग पिछले कुछ समय से खाद्य प्रतिष्ठानों और प्रतिबंधित उत्पादों से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई कर रहा है।
अब सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट को जांच के दायरे में लाकर FDA ने संकेत दिया है कि केवल उत्पाद बेचने या बनाने वालों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। अगर किसी विज्ञापन में नियमों के उल्लंघन की आशंका है तो उससे जुड़े प्रचारकों की भूमिका भी जांची जा सकती है।
अजय देवगन का पुराना बयान फिर चर्चा में
FDA की कार्रवाई के बाद अजय देवगन और शाहरुख खान के पुराने बयान भी दोबारा चर्चा में आ गए हैं। अजय देवगन पहले अपने इलायची ब्रांड एंडोर्समेंट को लेकर कह चुके हैं कि वह कानूनी रूप से उपलब्ध उत्पाद का विज्ञापन करते हैं। वहीं शाहरुख खान के ब्रांड प्रमोशन को लेकर दिए गए पुराने बयान भी सोशल मीडिया पर फिर शेयर किए जा रहे हैं।
अब मामला केवल नैतिक बहस तक सीमित नहीं है। FDA के औपचारिक नोटिस के बाद कलाकारों को नियामक प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखना होगा।
अक्षय कुमार भी रहे थे विवादों में
पान मसाला से जुड़े ब्रांड के विज्ञापन को लेकर इससे पहले Akshay Kumar भी विवादों में रह चुके हैं। भारी आलोचना के बाद अक्षय कुमार ने 2022 में सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी और कहा था कि वह ऐसे ब्रांड से पीछे हट रहे हैं।
यह विवाद लंबे समय से सेलिब्रिटी विज्ञापनों की सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़ा करता रहा है। खासकर उन ब्रांडों के मामले में बहस ज्यादा होती है जिनका प्रमुख नाम तंबाकू या पान मसाला जैसे उत्पादों से भी जुड़ा होता है।
क्या है सरोगेट विज्ञापन?
सरोगेट विज्ञापन में कंपनियां उसी ब्रांड नाम से किसी ऐसे उत्पाद का विज्ञापन करती हैं, जिसका प्रचार कानूनी रूप से किया जा सकता है। उदाहरण के लिए किसी प्रतिबंधित उत्पाद से जुड़ा ब्रांड इलायची, माउथ फ्रेशनर या किसी दूसरे उत्पाद का विज्ञापन करके अपना नाम उपभोक्ताओं के सामने बनाए रख सकता है।
महाराष्ट्र FDA की जांच का केंद्र भी यही सवाल है कि विमल इलायची का प्रचार कहीं प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद की अप्रत्यक्ष ब्रांडिंग तो नहीं कर रहा।
बड़े सितारों पर कार्रवाई से बढ़ी चर्चा
शाहरुख खान और अजय देवगन भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे बड़े सितारों में शामिल हैं। ऐसे में उन्हें नोटिस मिलना अपने आप में बड़ी खबर बन गया है। टाइगर श्रॉफ को भी इसी विज्ञापन अभियान को लेकर नोटिस दिया गया है।
FDA की कार्रवाई यह संदेश देती है कि किसी सेलिब्रिटी की लोकप्रियता उसे नियामक जांच से स्वतः बाहर नहीं करती। हालांकि तीनों अभिनेताओं पर अंतिम रूप से कोई उल्लंघन साबित हुआ है या नहीं, यह उनके जवाब और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल निगाहें इस बात पर हैं कि शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ FDA के नोटिस का क्या जवाब देते हैं। यह मामला भविष्य में सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट और सरोगेट विज्ञापनों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी बन सकता है।
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