महाराष्ट्र

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी के आरोपों का फडणवीस ने दिया जवाब, उठाए कई सवाल

Kavita2
19 Sept 2026 5:46 PM IST
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर राहुल गांधी के आरोपों का फडणवीस ने दिया जवाब, उठाए कई सवाल
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मुंबई। नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे ‘राजनीतिक बदला’ और ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा। इसके जवाब में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि आरोप लगाने से पहले उन्हें मामले से जुड़े तथ्यों को देखना चाहिए।

मिलन प्रधान को पश्चिम बंगाल पुलिस ने 18 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के समय दर्ज मामलों से संबंधित चार गैर-जमानती वारंट लंबित थे। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास और दंगा करने जैसे आरोप शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। ये सभी आरोप न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं और इन्हें दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।

राहुल गांधी ने गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने शुक्रवार को मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि नंदीग्राम उपचुनाव के कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी महज संयोग नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताते हुए भाजपा पर निष्पक्ष चुनाव में भरोसा नहीं करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाए हैं।

प्रधान की गिरफ्तारी उस समय हुई जब नंदीग्राम उपचुनाव में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे थे। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। कुछ ही समय बाद उनकी गिरफ्तारी हुई, जिसके बाद कांग्रेस और ममता बनर्जी दोनों ने कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए।

फडणवीस ने किया पलटवार

राहुल गांधी के आरोपों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार करते हुए उनके राजनीतिक आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने राहुल गांधी को पहले तथ्यों का आकलन करने की सलाह दी। भाजपा की ओर से भी कांग्रेस से पूछा गया कि मिलन प्रधान के खिलाफ पुराने मामलों और लंबित वारंटों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।

भाजपा का तर्क है कि गिरफ्तारी को केवल चुनावी कार्रवाई के रूप में पेश करना सही नहीं है, क्योंकि प्रधान के खिलाफ पुराने मामले और वारंट पहले से मौजूद थे। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि इतने पुराने मामलों में ठीक उपचुनाव के समय गिरफ्तारी होना सवाल खड़े करता है। इस तरह दोनों पक्ष गिरफ्तारी की परिस्थितियों को अलग-अलग तरीके से पेश कर रहे हैं।

पुलिस ने बताया चार वारंट थे लंबित

पूर्व मेदिनीपुर पुलिस के अनुसार, मिलन प्रधान के खिलाफ चार गैर-जमानती वारंट लंबित थे और वह लंबे समय से इन मामलों में वांछित थे। पुलिस का कहना है कि चुनाव के दौरान लंबित वारंटों को लागू करने की प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चार वारंटों में से तीन ऐसे मामलों से जुड़े हैं जिनमें हत्या से संबंधित धाराएं लगाई गई थीं। ये मामले 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े बताए गए हैं।

हालांकि प्रधान के खिलाफ मामले लंबित होने का अर्थ यह नहीं है कि उन पर लगाए गए आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं। अंतिम कानूनी स्थिति संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया से तय होगी।

ममता बनर्जी ने भी गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया

ममता बनर्जी ने भी मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके गुट द्वारा कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा के तुरंत बाद कार्रवाई क्यों हुई। उन्होंने इसे भाजपा की राजनीतिक प्रतिशोध की नीति से जोड़ा। यह ममता बनर्जी का राजनीतिक आरोप है।

नंदीग्राम उपचुनाव में पहले ममता बनर्जी के गुट ने अपना उम्मीदवार उतारा था। बाद में उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के चुनाव मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने चुनावी मुकाबले को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया।

शिकायत को लेकर भी सामने आया दूसरा पक्ष

डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने मिलन प्रधान के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया कि प्रधान के खिलाफ हत्या से जुड़े मामले लंबित हैं और चुनाव के दौरान लंबित वारंटों को लागू करना जरूरी है।

इस दावे के बाद विवाद केवल कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं रहा, बल्कि तृणमूल कांग्रेस के अलग-अलग गुट भी इस राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गए हैं।

6 अक्टूबर को होना है नंदीग्राम उपचुनाव

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर को निर्धारित है और मतगणना 9 अक्टूबर को होनी है। ऐसे में मतदान से कुछ सप्ताह पहले कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।

पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बावजूद उसका चुनाव प्रचार जारी रहेगा। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने कहा है कि पार्टी उपचुनाव में अपना अभियान बंद नहीं करेगी।

गिरफ्तारी पर आमने-सामने राजनीतिक दल

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। कांग्रेस और ममता बनर्जी गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं। दूसरी ओर पुलिस पुराने मामलों और लंबित गैर-जमानती वारंटों का हवाला दे रही है, जबकि भाजपा राहुल गांधी के आरोपों को खारिज कर रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया के बाद यह विवाद पश्चिम बंगाल की राजनीति से बाहर भी चर्चा में आ गया है। अब नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी, उनके खिलाफ लंबित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया और राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप चुनावी बहस के प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गए हैं।

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