महाराष्ट्र

फडणवीस का विपक्ष पर वार सत्ता परिवर्तन की साजिश का आरोप

Ratna Netam
16 Oct 2026 2:18 PM IST
फडणवीस का विपक्ष पर वार सत्ता परिवर्तन की साजिश का आरोप
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मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विरोध-प्रदर्शनों की आड़ में देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। फडणवीस का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है।मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "हो गया भाई, सब कुछ सामने आ गया!! आखिरकार, यह सब 'सत्ता परिवर्तन' के बारे में ही तो था... आखिर दिल में छिपा राज जुबान पर आ ही गया!" उनके इस बयान को विपक्ष के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है।
राजनाथ सिंह के बयान का किया समर्थन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा विपक्षी प्रदर्शनों को लेकर जताई गई चिंताओं का समर्थन किया। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर गंभीर आरोप लगाए थे।रक्षा मंत्री ने दावा किया कि विपक्ष चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे को आधार बनाकर सरकार के खिलाफ आंदोलन चला रहा है, लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना है।राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
विरोध की आड़ में अराजकता फैलाने का आरोप
फडणवीस ने अपने बयान में विपक्ष की आंदोलनकारी राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और किसानों से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि जाति और भाषा के आधार पर तनाव बढ़ाने तथा महत्वपूर्ण संस्थाओं की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।उनका कहना है कि विरोध-प्रदर्शनों के पीछे छिपे राजनीतिक उद्देश्य अब सामने आने लगे हैं। उन्होंने विपक्ष पर जनहित के मुद्दों की आड़ में सत्ता हासिल करने की राजनीति करने का आरोप लगाया।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन से बढ़ा विवाद
देश में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं।विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया से बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है।दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों ने भी राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
कांग्रेस ने आरोपों पर किया पलटवार
दूसरी ओर, कांग्रेस ने सत्ता परिवर्तन की साजिश संबंधी आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने राजनाथ सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार बदलने का अधिकार जनता के पास होता है।उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस चुनावों के माध्यम से लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता परिवर्तन चाहती है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे अराजकता से जोड़ना उचित नहीं है।
सत्ता परिवर्तन के मुद्दे पर तेज हुई सियासत
फडणवीस और राजनाथ सिंह के बयानों के बाद सत्ता परिवर्तन का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। एक तरफ भाजपा नेता विपक्षी प्रदर्शनों के पीछे राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की मंशा होने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इन प्रदर्शनों को लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बता रहा है।इस विवाद ने चुनाव आयोग की भूमिका, विपक्ष के विरोध करने के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, विपक्ष के खिलाफ लगाए गए सत्ता परिवर्तन की साजिश के आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
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