महाराष्ट्र

गढ़चिरौली में खेल सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी, 80 करोड़ रुपये से बनेगा आधुनिक खेल परिसर

Kavita2
19 Aug 2026 9:52 AM IST
गढ़चिरौली में खेल सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी, 80 करोड़ रुपये से बनेगा आधुनिक खेल परिसर
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मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने मंगलवार को गढ़चिरौली जिले में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए 80.12 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत को मंजूरी दी है। यह राशि जिला खेल परिसर के दूसरे चरण के तहत अतिरिक्त खेल सुविधाएं विकसित करने में खर्च की जाएगी।

इस फैसले की जानकारी महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और खेल मंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। खासतौर पर नक्सल प्रभावित और दूर-दराज के इलाकों के युवाओं को खेलों के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि गढ़चिरौली जैसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाएं मौजूद हैं, लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला खेल परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई गई है।

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। गढ़चिरौली के खिलाड़ियों को भी ऐसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण जरिया है। सरकार चाहती है कि दूरस्थ क्षेत्रों के युवा भी खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकें।

गढ़चिरौली महाराष्ट्र का ऐसा जिला है, जहां लंबे समय से नक्सल गतिविधियों की चुनौती रही है। सरकार का मानना है कि खेल गतिविधियों को बढ़ावा देकर युवाओं को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। खेल सुविधाओं के विकास से युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।

जिला खेल परिसर के दूसरे चरण में कई आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित किए जाने की योजना है। हालांकि, अभी परियोजना से जुड़ी सभी सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है, लेकिन सरकार का उद्देश्य इसे खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना है।

महाराष्ट्र सरकार पहले भी राज्य के विभिन्न जिलों में खेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर देती रही है। सरकार का कहना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच और संसाधन उपलब्ध कराने की है।

गढ़चिरौली के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, अभ्यास की सुविधा और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आधुनिक संसाधन उपलब्ध होने से खेल क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी। इससे स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

खेल मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल बड़े शहरों तक खेल सुविधाओं को सीमित रखना नहीं है, बल्कि राज्य के हर जिले तक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाना है। इसी नीति के तहत गढ़चिरौली में यह परियोजना शुरू की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी क्षेत्र के विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। खेल गतिविधियों के विस्तार से युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का रास्ता भी खुलता है।

गढ़चिरौली में बनने वाला यह आधुनिक खेल परिसर जिले के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकता है। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे और महाराष्ट्र तथा देश का नाम रोशन करेंगे।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब परियोजना के अगले चरण की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द काम शुरू कराकर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले को खेल विकास और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। खासतौर पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खेलों के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश के रूप में इसे देखा जा रहा है।

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