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शास्त्रीनगर अस्पताल हमले के बाद सुरक्षा पर जोर, BJP नेताओं ने लिया हालात का जायजा

कल्याण : शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हुए हालिया हमले के बाद स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। घटना के बाद मेडिकल समुदाय में नाराजगी देखी जा रही है। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की थी।
इसी बीच स्वास्थ्यकर्मियों को भरोसा दिलाने और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) कल्याण जिला अध्यक्ष नंदू परब पार्टी के कॉर्पोरेटर्स के साथ शास्त्रीनगर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और घटना से प्रभावित डॉक्टरों व कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
दौरे के दौरान नंदू परब ने हमले में प्रभावित स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ से उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को समझा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की।
इसके बाद नंदू परब ने KDMC की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपा शुक्ला के साथ बैठक की। इस बैठक में नगर निगम के अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई।
बैठक में अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की तैनाती, निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। नेताओं ने जोर दिया कि स्वास्थ्यकर्मी बिना किसी डर के मरीजों का इलाज कर सकें, इसके लिए सुरक्षित माहौल जरूरी है।
गौरतलब है कि शास्त्रीनगर अस्पताल में हुई घटना के बाद मेडिकल समुदाय में काफी आक्रोश फैल गया था। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने मांग की थी कि अस्पताल परिसरों में सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ दिन-रात मरीजों की सेवा करते हैं। ऐसे में उनके साथ हिंसा की घटनाएं न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर डाल सकती हैं।
नंदू परब ने इस दौरान कहा कि अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है, ताकि मरीजों के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मी भी सुरक्षित महसूस कर सकें।
वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
मेडिकल संगठनों ने भी मांग की है कि अस्पतालों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए। उनका कहना है कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए प्रभावी तंत्र जरूरी है।
शास्त्रीनगर अस्पताल की घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अस्पताल प्रबंधन के सामने चुनौती है कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार किया जाए।
BJP नेताओं के इस दौरे के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पताल सुरक्षा को लेकर जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे और स्वास्थ्यकर्मियों की चिंताओं का समाधान किया जाएगा।





