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मुंबई। अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इस बार विशेष व्यवस्था की है। पहली बार 25 सितंबर को स्वराजभूमि यानी गिरगांव चौपाटी में एक विशेष इमरजेंसी मैनेजमेंट कंट्रोल रूम संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विसर्जन के दौरान किसी भी आपात स्थिति में अलग-अलग एजेंसियों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित करना और जरूरत पड़ने पर तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना है।
गिरगांव चौपाटी मुंबई के सबसे प्रमुख गणेश विसर्जन स्थलों में शामिल है। अनंत चतुर्दशी पर यहां बड़ी संख्या में सार्वजनिक गणेश मंडलों और घरों में स्थापित गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। बड़ी प्रतिमाओं, वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए BMC ने पहली बार विसर्जन स्थल के पास अलग से इमरजेंसी मैनेजमेंट कंट्रोल रूम तैयार करने का फैसला किया है। यहां विभिन्न सरकारी और आपातकालीन सेवाओं के अधिकारी एक साथ मौजूद रहेंगे। किसी घटना की सूचना मिलने पर अलग-अलग विभागों से संपर्क करने के बजाय कंट्रोल रूम से ही संबंधित एजेंसी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकेंगे।
विशेष कंट्रोल रूम में BMC के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के आपदा प्रबंधन अधिकारी तैनात रहेंगे। इनके साथ BEST के बिजली विभाग के अधिकारी, मुंबई पुलिस, मुंबई फायर ब्रिगेड और नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के जवान भी इस व्यवस्था का हिस्सा होंगे।
अनिरुद्ध एकेडमी ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट के HAM रेडियो ऑपरेटरों को भी कंट्रोल रूम में तैनात किया जाएगा। HAM रेडियो आपदा या संचार व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक संपर्क माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसी तकनीकी समस्या या मोबाइल नेटवर्क पर अधिक दबाव की स्थिति में भी आवश्यक संदेशों का आदान-प्रदान किया जा सकेगा।
BMC का उद्देश्य है कि विसर्जन के दौरान किसी भी तरह की दुर्घटना, आग, बिजली से जुड़ी समस्या, स्वास्थ्य आपातकाल, समुद्र में किसी व्यक्ति के फंसने या भीड़ से जुड़ी स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया दी जा सके। अलग-अलग विभागों के प्रतिनिधि एक ही स्थान पर मौजूद होने से निर्णय लेने और मौके पर टीम भेजने में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा।
मुंबई पुलिस की भूमिका भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और विसर्जन मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालने की होगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण पुलिस को प्रवेश और निकास मार्गों के साथ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखनी होगी। किसी भी आपात स्थिति में कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस अधिकारियों और अन्य एजेंसियों के बीच सीधे संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।
मुंबई फायर ब्रिगेड को आग लगने, दुर्घटना या अन्य बचाव संबंधी घटनाओं से निपटने के लिए तैयार रखा जाएगा। वहीं NDRF के प्रशिक्षित जवान जरूरत पड़ने पर विशेष राहत और बचाव अभियान में मदद करेंगे। समुद्र तट पर विसर्जन होने के कारण पानी से संबंधित दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए बचाव दलों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम मेडिकल इमरजेंसी के लिए तैयार रहेगी। भीड़ के दौरान किसी श्रद्धालु की तबीयत खराब होने, चोट लगने या अन्य स्वास्थ्य समस्या सामने आने पर तत्काल प्राथमिक उपचार और जरूरत के अनुसार अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। बड़ी भीड़ वाले धार्मिक आयोजनों में मेडिकल सहायता तक तेजी से पहुंच सुनिश्चित करना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहता है।
BEST के बिजली विभाग के अधिकारी बिजली आपूर्ति और विद्युत सुरक्षा से संबंधित परिस्थितियों की निगरानी करेंगे। विसर्जन मार्गों और चौपाटी क्षेत्र में बड़ी संख्या में अस्थायी व्यवस्थाएं की जाती हैं। ऐसे में बिजली के तारों, उपकरणों या आपूर्ति से जुड़ी किसी समस्या पर तुरंत कार्रवाई के लिए विभाग के अधिकारियों को कंट्रोल रूम में रखा जाएगा।
गिरगांव चौपाटी में बड़े गणेश मंडलों की विशाल प्रतिमाएं भी विसर्जन के लिए पहुंचती हैं। इनके साथ हजारों श्रद्धालु जुलूस के रूप में चलते हैं। कई प्रमुख मंडलों की प्रतिमाओं के विसर्जन में लंबा समय लग सकता है। ऐसे में पूरे दिन और देर रात तक चौपाटी तथा आसपास के मार्गों पर भारी भीड़ रहने की संभावना है।
विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल टाइम समन्वय स्थापित करना है। यदि किसी स्थान से घटना की सूचना आती है तो कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारी तत्काल यह तय कर सकेंगे कि पुलिस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम, NDRF या बिजली विभाग में से किस एजेंसी को मौके पर भेजने की जरूरत है। एक से अधिक विभागों की आवश्यकता होने पर संयुक्त कार्रवाई भी शुरू की जा सकेगी।
गणेशोत्सव मुंबई के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है। उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर शहर की सड़कों से लेकर समुद्र तटों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखाई देती है। गिरगांव चौपाटी के अलावा जुहू चौपाटी और शहर के अन्य प्राकृतिक तथा कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर भी बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है।
BMC की ओर से पहली बार गिरगांव चौपाटी में स्थापित किया जा रहा यह विशेष कंट्रोल रूम इसी बड़े आयोजन के दौरान आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश है। अलग-अलग विभागों के अधिकारियों, सुरक्षा बलों और HAM रेडियो ऑपरेटरों को एक जगह तैनात करके प्रशासन का लक्ष्य किसी भी आपात स्थिति में सूचना से लेकर राहत कार्रवाई तक की प्रक्रिया को तेज करना है।
25 सितंबर को होने वाले अंतिम गणेश विसर्जन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच यह कंट्रोल रूम सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण केंद्र रहेगा। प्रशासन की कोशिश होगी कि विशाल भीड़ और बड़ी संख्या में होने वाले विसर्जन के बावजूद किसी भी आपात स्थिति में संबंधित एजेंसियां तत्काल सक्रिय होकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर सकें।





