महाराष्ट्र

नकली बिल और जाली हस्ताक्षर से 40.58 लाख का गबन, अकाउंटेंट समेत पांच पर केस

Kavita2
19 Sept 2026 2:33 PM IST
नकली बिल और जाली हस्ताक्षर से 40.58 लाख का गबन, अकाउंटेंट समेत पांच पर केस
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नवी मुंबई। एक बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी के बैंक खाते से कथित तौर पर 40.58 लाख रुपये का गबन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कंपनी में काम करने वाले एक अकाउंटेंट ने असली वेंडर्स के नाम का इस्तेमाल कर कथित रूप से फर्जी बिल तैयार किए और उन पर जाली हस्ताक्षर कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कराई। इसके बाद कंपनी के खाते से निकाली गई रकम को अपने चार दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर करवाने का आरोप है। मामले में खांडेश्वर पुलिस ने अकाउंटेंट समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपी अकाउंटेंट की पहचान बालकृष्ण धाडंबे के रूप में हुई है। उसके साथ चार अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना में कंपनी के वित्तीय लेनदेन और भुगतान प्रक्रिया का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

असली वेंडर्स के नाम पर तैयार किए फर्जी बिल

प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपी अकाउंटेंट पर आरोप है कि उसने कंपनी के साथ काम करने वाले वास्तविक वेंडर्स के नाम और विवरण का इस्तेमाल करके फर्जी बिल तैयार किए। इन बिलों को कंपनी के नियमित भुगतान से जोड़कर पेश किया गया। आरोप है कि भुगतान को वैध दिखाने के लिए दस्तावेजों पर जाली हस्ताक्षर भी किए गए।

किसी निर्माण कंपनी में अलग-अलग प्रोजेक्ट और वेंडर्स को भुगतान के लिए बड़ी संख्या में बिल और वित्तीय दस्तावेज तैयार होते हैं। इसी प्रक्रिया का फायदा उठाकर कथित तौर पर रकम निकालने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी बिल कब और कितनी बार तैयार किए गए तथा प्रत्येक भुगतान के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई।

चार दोस्तों के खातों में पहुंची रकम

पुलिस की शिकायत के मुताबिक, कथित फर्जी भुगतान के जरिए कंपनी के खाते से कुल 40.58 लाख रुपये की रकम निकाली गई। आरोप है कि यह रकम सीधे अकाउंटेंट के खाते में न जाकर उसके चार दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई।

जांच में पुलिस इन बैंक खातों के लेनदेन का विवरण खंगाल रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि रकम कब-कब ट्रांसफर हुई और अलग-अलग खातों में कितनी राशि पहुंची। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संबंधित बैंक खातों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया और रकम ट्रांसफर होने के बाद उसका क्या हुआ।

जाली हस्ताक्षर की भी होगी जांच

मामले में जाली हस्ताक्षर का आरोप भी महत्वपूर्ण है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों पर किसके हस्ताक्षर किए गए और उन हस्ताक्षरों का इस्तेमाल भुगतान को मंजूरी दिलाने के लिए कैसे किया गया।

जांच के दौरान संबंधित दस्तावेजों, बिलों और कंपनी के रिकॉर्ड को देखा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर हस्ताक्षरों की विशेषज्ञ जांच भी कराई जा सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दस्तावेजों पर किए गए हस्ताक्षर वास्तविक थे या कथित तौर पर उनकी नकल की गई थी।

पांचों आरोपी फरार

खांडेश्वर पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद पांचों आरोपी फिलहाल फरार हैं। इनमें अकाउंटेंट बालकृष्ण धाडंबे और उसके चार साथी शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस आरोपियों की भूमिका को अलग-अलग स्तर पर जांच रही है। विशेष रूप से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फर्जी बिल तैयार करने, जाली हस्ताक्षर करने, भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और रकम को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराने में किस आरोपी की क्या भूमिका थी।

बैंक रिकॉर्ड और कंपनी के दस्तावेजों की जांच

जांच का एक प्रमुख हिस्सा बैंकिंग लेनदेन से जुड़ा है। पुलिस संबंधित खातों के बैंक रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन विवरण की जांच करेगी। इसके अलावा कंपनी के अकाउंटिंग रिकॉर्ड, वेंडर से जुड़े दस्तावेज और भुगतान की अनुमति से संबंधित रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में हैं।

पुलिस यह भी देख रही है कि जिन वेंडर्स के नाम पर कथित तौर पर बिल तैयार किए गए, क्या वास्तव में उन्होंने संबंधित सेवाएं या सामान कंपनी को उपलब्ध कराया था। यदि नहीं, तो फर्जी बिल तैयार करने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों और जानकारी का स्रोत भी जांच का हिस्सा होगा।

कंपनी के भीतर की प्रक्रिया पर भी सवाल

इस घटना ने कंपनी की भुगतान व्यवस्था और वित्तीय निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि वित्तीय प्रक्रिया में किस स्तर पर चूक हुई। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गबन को अंजाम देने के लिए आरोपी ने किस तरीके का इस्तेमाल किया और लंबे समय तक यह लेनदेन कंपनी की नजर से कैसे बचा रहा।

फिलहाल खांडेश्वर पुलिस ने धोखाधड़ी और गबन से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ बैंक लेनदेन और कथित फर्जी दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में रकम के पूरे प्रवाह और सभी आरोपियों की कथित भूमिका की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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