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नवी मुंबई में इलेक्ट्रिक AC सिविक बस में लगी आग, बैटरी यूनिट में तकनीकी खराबी बताई गई वजह

नवी मुंबई : महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक इलेक्ट्रिक एसी सिविक बस में आग लगने की घटना सामने आई है। यह हादसा तुर्भे स्थित नवी मुंबई म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट डिपो में हुआ, जहां खड़ी एक इलेक्ट्रिक बस आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
एक अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि बस डिपो में खड़ी थी, तभी उसके पिछले हिस्से में लगी बैटरी यूनिट में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बैटरी यूनिट में तकनीकी खराबी बताया जा रहा है।
नवी मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के डिविजनल फायर ऑफिसर पुरुषोत्तम जाधव ने बताया कि घटना सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है। तुर्भे स्थित नवी मुंबई म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट डिपो में खड़ी इलेक्ट्रिक एसी सिविक बस में अचानक आग भड़क उठी।
उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम और आपातकालीन सेवाओं के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। आग इतनी तेजी से फैली कि बस का बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
अधिकारी के अनुसार, जिस समय बस में आग लगी, वह खराब होने के कारण डिपो में खड़ी थी और उसमें कोई यात्री या चालक मौजूद नहीं था। इस वजह से किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि आग बस के पिछले केबिन में मौजूद बैटरी यूनिट से शुरू हुई। इलेक्ट्रिक बसों में बैटरी सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है और तकनीकी खराबी के कारण इसमें आग लगने की संभावना रहती है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
घटना के बाद डिपो में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी और सुरक्षा के लिहाज से अन्य बसों को भी वहां से हटाया गया।
फायर ब्रिगेड की टीम ने सावधानीपूर्वक आग बुझाने का काम किया, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहनों में लगी बैटरी की आग को नियंत्रित करना सामान्य आग की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण माना जाता है। बैटरी में मौजूद रासायनिक पदार्थों के कारण आग दोबारा भड़कने का खतरा रहता है।
अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जा रही है। डिपो में खड़ी अन्य इलेक्ट्रिक बसों की भी जांच की जा सकती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल देश के कई शहरों में बढ़ रहा है क्योंकि इन्हें पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प माना जाता है। हालांकि, बैटरी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर लगातार सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी की नियमित जांच, सही चार्जिंग प्रक्रिया और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी है। छोटी सी तकनीकी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
नवी मुंबई म्युनिसिपल ट्रांसपोर्ट प्रशासन की ओर से घटना के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि बस की बैटरी यूनिट में किस वजह से खराबी आई और क्या इसमें रखरखाव से जुड़ी कोई लापरवाही थी।
घटना के बाद परिवहन विभाग और दमकल अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल आग में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुई बस को हटाने और मामले की तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।





