- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- India ब्लॉक पर एकनाथ...
India ब्लॉक पर एकनाथ शिंदे का तीखा हमला, बोले- विपक्ष विभाजित और हतोत्साहित

Maharashtra महाराष्ट्र: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इंडिया ब्लॉक की हालिया बैठक के बाद विपक्षी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल विभाजित हैं, उनका मनोबल कमजोर हो चुका है और उनके दृष्टिकोण में गंभीरता की कमी साफ दिखाई देती है। शिंदे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।
शिंदे ने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेता लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बिना आधार वाले और “बेतुके आरोप” लगाते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का एजेंडा विकास पर केंद्रित न होकर केवल आलोचना और नकारात्मक राजनीति तक सीमित रह गया है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि बार-बार चुनावी असफलताओं ने विपक्षी दलों के भीतर निराशा का माहौल पैदा कर दिया है। उनके अनुसार, लगातार हार का सामना करने के कारण गठबंधन के घटक दलों में आपसी समन्वय की कमी बढ़ती जा रही है, जिसका असर उनकी रणनीति और निर्णय क्षमता पर भी दिखाई दे रहा है।
शिंदे ने कहा कि जनता ने विकास और स्थिर नेतृत्व को प्राथमिकता दी है, जबकि विपक्ष अभी भी पुराने राजनीतिक तरीकों और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से विपक्षी दल जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता खोते जा रहे हैं।
#WATCH | Delhi | On the meeting of the INDIA bloc, Maharashtra Deputy CM Eknath Shinde says, "...They are so arrogant that they level all sorts of absurd allegations against Prime Minister Modi. They lack unity and seriousness; having suffered defeats, their morale is completely… pic.twitter.com/zB5wDTqsXi
— ANI (@ANI) June 8, 2026
उन्होंने आगे कहा कि देश में आज विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं पर काम हो रहा है, लेकिन विपक्ष इन मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा करने के बजाय केवल विरोध की राजनीति कर रहा है। शिंदे के अनुसार, इस रवैये से विपक्ष खुद को कमजोर कर रहा है।
इंडिया ब्लॉक की हालिया बैठक में कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने यह तीखा बयान दिया। उनके इस बयान को सत्ताधारी गठबंधन की ओर से विपक्ष पर बड़ा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के बयान आने वाले समय में राजनीतिक तापमान और बढ़ा सकते हैं। विपक्ष जहां सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल विपक्ष की एकजुटता और रणनीति पर प्रश्न खड़े कर रहे हैं।
शिंदे ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का मजबूत होना जरूरी है, लेकिन उसके लिए आवश्यक है कि वह सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाना और असंतोष फैलाना किसी भी राजनीतिक दल को मजबूत नहीं बना सकता।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। विपक्षी दलों की ओर से अभी तक शिंदे के बयान पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।





