महाराष्ट्र

मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई तेज: रूपाली चाकणकर की बहन से 8 घंटे पूछताछ

Kavita2
5 May 2026 9:37 AM IST
मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की कार्रवाई तेज: रूपाली चाकणकर की बहन से 8 घंटे पूछताछ
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Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच को तेज कर दिया है। महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और NCP नेता रूपाली चाकणकर की छोटी बहन प्रतिभा चाकणकर सोमवार को ED के सामने पेश हुईं। यह पूछताछ खुद को भगवान बताने वाले अशोक खरात से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की गई।

अधिकारियों के अनुसार, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत समन जारी किए जाने के बाद प्रतिभा चाकणकर से लगभग आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। इस दौरान उनसे कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संदिग्ध ट्रांजैक्शन को लेकर विस्तृत सवाल पूछे गए।

जांच एजेंसी इस मामले में केवल प्रतिभा चाकणकर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में उनके बेटे तन्मय चाकणकर को भी ED की ओर से समन जारी किया गया है। एजेंसी का मानना है कि इस मामले में कुछ वित्तीय लेन-देन ऐसे हैं, जिनका संबंध परिवार के अन्य सदस्यों से भी हो सकता है।

ED अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान चार बैंक खातों की पहचान की गई है, जो इस मामले में संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें से दो खाते प्रतिभा चाकणकर के नाम पर हैं, जबकि दो खाते उनके बेटे तन्मय चाकणकर के नाम पर बताए जा रहे हैं। ये सभी खाते नासिक स्थित समता नगरी सहकारी पतसंस्था में संचालित हैं।

अधिकारियों का कहना है कि इन बैंक खातों में हुए लेन-देन की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धन का स्रोत क्या था और क्या इसका संबंध अशोक खरात से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से है या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, अशोक खरात पर खुद को आध्यात्मिक गुरु या “भगवान” बताकर अनुयायियों से धन जुटाने और उसके दुरुपयोग के आरोप हैं। इसी संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की जांच के तहत ED विभिन्न लोगों से पूछताछ कर रही है।

ED की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी जा रही है, क्योंकि मामला एक प्रमुख राजनीतिक परिवार से जुड़ा हुआ है। हालांकि जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई केवल वित्तीय साक्ष्यों और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है।

फिलहाल ED ने इस मामले में आगे की जांच जारी रखी है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी लोगों से पूछताछ की जा सकती है। साथ ही बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है।

जांच एजेंसी का उद्देश्य इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की कड़ी को जोड़ना और यह पता लगाना है कि क्या इसमें बड़े स्तर पर धन के अवैध लेन-देन शामिल हैं।

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