महाराष्ट्र

पुणे में 3.41 करोड़ की ड्रग्स जब्त, महिला गिरफ्तार

Kavita2
26 Aug 2026 1:08 PM IST
पुणे में 3.41 करोड़ की ड्रग्स जब्त, महिला गिरफ्तार
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पुणे। डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुणे रेलवे जंक्शन पर एक महिला यात्री के सामान से करीब 3.41 करोड़ रुपये मूल्य की संदिग्ध एम्फेटामाइन और MDMA बरामद की है। इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी ने बरामद पदार्थों को जब्त कर मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।

DRI की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई मुंबई जोनल यूनिट के तहत पुणे रीजनल यूनिट के अधिकारियों ने की। एजेंसी को पहले से इस संबंध में महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर अधिकारियों ने 25 अगस्त की सुबह पुणे रेलवे जंक्शन पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से यात्रा कर रही एक भारतीय महिला यात्री की पहचान की गई।

खुफिया सूचना के आधार पर रोका गया यात्री

DRI अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध यात्री की गतिविधियों पर खुफिया सूचना के आधार पर नजर रखी जा रही थी। रेलवे स्टेशन पर उसकी पहचान सुनिश्चित करने के बाद अधिकारियों ने उसे रोका। इसके बाद उसके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान अधिकारियों को सफेद और पीले रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ मिला। इसका कुल वजन 2,532 ग्राम बताया गया है। प्रारंभिक जांच में इस पदार्थ के एम्फेटामाइन होने का संदेह है। इसके अलावा अलग-अलग रंगों की गोलियां भी बरामद हुईं। इन गोलियों का कुल वजन 878 ग्राम बताया गया है और इनके MDMA यानी 3,4-मिथाइलीनडाइऑक्सीमेथामफेटामाइन होने का संदेह है।

दोनों संदिग्ध पदार्थों को DRI ने जब्त कर लिया है। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 3.41 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, पदार्थों की अंतिम पहचान और उनकी रासायनिक संरचना की पुष्टि जांच और परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद की जाएगी।

दिल्ली से पुणे तक का सफर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गिरफ्तार महिला ने अपनी यात्रा दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से शुरू की थी। वह ट्रेन से यात्रा कर रही थी और पुणे रेलवे जंक्शन से गुजर रही थी। इसी दौरान DRI की टीम ने उसे खुफिया सूचना के आधार पर रोक लिया।

महिला के पास से इतनी बड़ी मात्रा में संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद होने के बाद जांच एजेंसी अब उसकी यात्रा और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि संदिग्ध पदार्थ उसे कहां से मिले और उन्हें किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।

सप्लाई नेटवर्क की जांच

मामले की जांच सिर्फ गिरफ्तार महिला तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। DRI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित तस्करी के पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं है। महिला से पूछताछ के जरिए उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर उसे ये पदार्थ उपलब्ध कराए या उसे इन्हें किसी स्थान पर पहुंचाने के लिए कहा था।

जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि बरामद पदार्थों की सप्लाई कहां से हुई थी और इसके पीछे कौन-कौन से लोग या समूह सक्रिय हो सकते हैं। यदि जांच में किसी बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

NDPS कानून के तहत कार्रवाई

DRI ने इस मामले में मादक पदार्थों की बरामदगी के बाद संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की है। ऐसे मामलों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट यानी NDPS Act के प्रावधान लागू होते हैं।

एम्फेटामाइन और MDMA दोनों साइकोट्रॉपिक पदार्थों की श्रेणी में आते हैं और इनके अवैध कब्जे, परिवहन या तस्करी पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। मामले में गिरफ्तार महिला से पूछताछ और अन्य जांच प्रक्रियाओं के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे मार्गों पर तस्करी पर नजर

रेलवे नेटवर्क के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है। इसी कारण तस्करी से जुड़े मामलों में रेलवे मार्गों पर भी जांच एजेंसियां विशेष निगरानी रखती हैं। DRI की यह कार्रवाई भी खुफिया सूचना के आधार पर की गई निगरानी का परिणाम है।

पुणे रेलवे जंक्शन देश के प्रमुख रेलवे मार्गों से जुड़ा है। ऐसे में यहां किसी यात्री के सामान से करोड़ों रुपये मूल्य के संदिग्ध मादक पदार्थ मिलने को गंभीर मामला माना जा रहा है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि महिला ने यात्रा के दौरान किन लोगों से संपर्क किया था और उसके सामान में संदिग्ध पदार्थ कब और कैसे रखे गए।

बरामद पदार्थों की जांच होगी

DRI के अधिकारियों ने सफेद-पीले क्रिस्टल जैसे पदार्थ को एम्फेटामाइन और अलग-अलग रंगों की गोलियों को MDMA होने का संदेह जताया है। हालांकि, अंतिम पुष्टि संबंधित नमूनों की वैज्ञानिक जांच के बाद ही होगी।

कुल मिलाकर 2,532 ग्राम संदिग्ध एम्फेटामाइन और 878 ग्राम संदिग्ध MDMA की बरामदगी हुई है। दोनों पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 3.41 करोड़ रुपये बताई गई है।

आगे की कार्रवाई पर नजर

महिला की गिरफ्तारी के बाद DRI की जांच अब कथित तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है। एजेंसी उसके संपर्कों, यात्रा के उद्देश्य और संदिग्ध पदार्थों के स्रोत तथा गंतव्य का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

DRI की इस कार्रवाई से एक बार फिर स्पष्ट हुआ है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एजेंसियां खुफिया जानकारी के आधार पर रेलवे मार्गों पर भी निगरानी बढ़ा रही हैं। पुणे रेलवे जंक्शन पर हुई इस बरामदगी में करोड़ों रुपये मूल्य के संदिग्ध पदार्थ मिलने के बाद अब जांच से जुड़े अगले खुलासों पर नजर बनी हुई है।

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