- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- शिरूर में 11.90 लाख की...

महाराष्ट्र : पुणे जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शिरूर तालुका के न्हावरे क्षेत्र में बुधवार को लोकल क्राइम ब्रांच (LCB), शिरूर पुलिस और न्हावरे पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 56 ग्राम संदिग्ध MD (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए ड्रग्स और अन्य सामान की कुल कीमत करीब 11.90 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि न्हावरे इलाके में कुछ लोग MD ड्रग्स के कारोबार में शामिल हैं।
सूचना के आधार पर लोकल क्राइम ब्रांच, शिरूर पुलिस और न्हावरे पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियां मिलीं और टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की।
इस दौरान पुलिस ने संदिग्धों के पास से MD ड्रग्स बरामद की।
दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान न्हावरे निवासी प्रदीप विट्ठल कोरेकर (24) और शिरूर के करेगांव निवासी साईनाथ जनार्दन भोसेकर (23) के रूप में हुई है।
दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे कितने समय से इस अवैध कारोबार में शामिल थे और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग हैं।
एक आरोपी मौके से फरार
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक अन्य संदिग्ध आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। फरार आरोपी की पहचान ज्ञानेश उर्फ मौली कालूराम कोरेकर के रूप में हुई है।
पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
नशे के कारोबार पर पुलिस की सख्ती
पुणे जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए ऐसे अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ड्रग्स नेटवर्क की जांच जारी
MD यानी मेफेड्रोन एक प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग है, जिसकी बिक्री और सेवन कानूनन अपराध है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और पिछले आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती हैं।
युवाओं को नशे से बचाने की चुनौती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार समाज के लिए गंभीर खतरा है। खासकर युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई को नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलती है तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नशे के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।
शिरूर पुलिस और क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है।





