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मुंबई में महंगाई का डबल झटका CNG PNG के बाद ऑटो और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी

मुंबई: मायानगरी मुंबई के लोगों पर सितंबर की शुरुआत में महंगाई का दोहरा असर पड़ने वाला है। मंगलवार, 1 सितंबर से मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में सीएनजी और घरेलू पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी लागू हो गई है। इसके साथ ही ऑटो-रिक्शा और टैक्सी किराए में भी वृद्धि का असर लोगों की जेब पर पड़ेगा।
महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने सीएनजी की कीमत में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 सितंबर से लागू हो गई हैं। इसके बाद मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत बढ़कर 88 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
इसके अलावा घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमत में भी इजाफा किया गया है। कंपनी ने PNG के दाम में 1 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें 31 अगस्त की आधी रात से लागू हो गई हैं।
आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर
सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सीएनजी का इस्तेमाल बड़ी संख्या में ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और निजी वाहनों में किया जाता है। ऐसे में ईंधन महंगा होने से परिवहन खर्च बढ़ने की संभावना है।
वहीं, घरेलू पीएनजी का इस्तेमाल घरों में खाना पकाने के लिए किया जाता है। इसकी कीमत बढ़ने से घरेलू बजट पर भी अतिरिक्त भार पड़ेगा।
मुंबई जैसे महानगर में जहां लाखों लोग रोजाना सार्वजनिक और निजी परिवहन पर निर्भर रहते हैं, वहां ईंधन कीमतों में छोटी बढ़ोतरी भी लोगों के मासिक खर्च को प्रभावित करती है।
ऑटो और टैक्सी किराए में भी बढ़ोतरी
सीएनजी कीमतों में वृद्धि के साथ ही मुंबई में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यात्रियों को भी अधिक किराया देना पड़ सकता है। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि ईंधन लागत बढ़ने से किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है।
ऑटो और टैक्सी चालक लंबे समय से ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के आधार पर किराया संशोधन की मांग कर रहे थे। अब सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद किराया बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है।
MGL ने क्यों बढ़ाए दाम
महानगर गैस लिमिटेड की ओर से कीमतों में बदलाव को लेकर बाजार की परिस्थितियों और लागत से जोड़कर देखा जा रहा है। गैस की खरीद, वितरण और संचालन खर्च में बदलाव के कारण कंपनियां समय-समय पर कीमतों में संशोधन करती हैं।
सीएनजी को पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और पर्यावरण के लिए बेहतर ईंधन माना जाता है। हालांकि, लगातार कीमत बढ़ने से वाहन चालकों की लागत बढ़ रही है।
परिवहन सेवाओं पर असर
मुंबई में बड़ी संख्या में लोग ऑटो और टैक्सी से सफर करते हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, छात्र और रोजाना यात्रा करने वाले लोग बढ़े हुए किराए से प्रभावित होंगे।
परिवहन विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव आम यात्रियों तक पहुंचता है।
घरेलू गैस खर्च भी बढ़ेगा
PNG की कीमत बढ़ने से घरों में गैस बिल पहले की तुलना में अधिक आएगा। हालांकि, एक रुपये प्रति SCM की बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन बड़े उपभोक्ताओं के लिए इसका मासिक खर्च पर असर दिखाई देगा।
घरेलू बजट संभाल रहे परिवारों के लिए पहले से बढ़ती महंगाई के बीच यह एक अतिरिक्त बोझ माना जा रहा है।
मुंबईकरों के सामने नई चुनौती
मुंबई में पहले से ही आवागमन और जीवनयापन की लागत अधिक है। ऐसे में सीएनजी, पीएनजी और परिवहन किराए में बढ़ोतरी लोगों की चिंता बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन कीमतों में बदलाव का असर शहर की अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों पर पड़ता है। टैक्सी-ऑटो सेवाओं के साथ-साथ अन्य वस्तुओं और सेवाओं की लागत भी प्रभावित हो सकती है।
सितंबर की शुरुआत मुंबईकरों के लिए बढ़े हुए खर्चों का संदेश लेकर आई है। सीएनजी और पीएनजी की नई दरें लागू होने के बाद अब लोगों को रोजमर्रा के खर्चों में अतिरिक्त भुगतान करना होगा, जबकि ऑटो और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी से सफर भी महंगा होने की संभावना है।





