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महाराष्ट्र में DL के लिए डोमिसाइल अनिवार्य, 2026 से नए नियम

Kavita2
7 July 2026 5:51 PM IST
महाराष्ट्र में DL के लिए डोमिसाइल अनिवार्य, 2026 से नए नियम
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मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रही है। राज्य में 1 अगस्त 2026 से ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदकों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट (निवास प्रमाण पत्र) देना अनिवार्य होगा। सरकार ने यह कदम लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने मंगलवार को विधानसभा में इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए ड्राइविंग लाइसेंस नियमों का प्रस्ताव मंजूरी के लिए कानून एवं न्याय विभाग को भेजा गया है। विभाग से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

लाइसेंस प्रक्रिया में किया जा रहा बदलाव

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक दिलीप लांडे के सवाल का जवाब देते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नई नीति तैयार कर रही है।

उन्होंने बताया कि नए नियमों के तहत महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले लोगों को राज्य का डोमिसाइल सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का राज्य से वास्तविक निवास संबंध है।

सरकार का मानना है कि इस कदम से लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

कानून एवं न्याय विभाग से मांगी गई मंजूरी

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बताया कि नए नियमों को लागू करने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रस्ताव को कानून एवं न्याय विभाग के पास भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार ने इसके लिए 1 अगस्त 2026 की तारीख तय करने की योजना बनाई है। हालांकि अंतिम निर्णय विभागीय मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

बाइक टैक्सी सेवाओं पर भी सरकार सख्त

विधानसभा में परिवहन मंत्री ने बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर भी सरकार की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि राज्य में बिना अनुमति चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री ने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को कानूनी रूप देने और व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क तैयार कर रही है।

इसका उद्देश्य बाइक टैक्सी सेवाओं को नियंत्रित करना, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इस क्षेत्र से राज्य के राजस्व को बढ़ाना है।

युवाओं को रोजगार देने की योजना

प्रताप सरनाइक ने कहा कि बाइक टैक्सी सेक्टर को उचित नियमों के तहत लाने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि परिवहन क्षेत्र में नई सेवाएं विकसित हों, लेकिन वे सुरक्षा और नियमों के दायरे में संचालित हों।

बिना अनुमति चलने वाली सेवाओं से यात्रियों की सुरक्षा और सरकार के राजस्व दोनों पर असर पड़ता है। इसलिए एक स्पष्ट नीति बनाना जरूरी है।

ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था में पारदर्शिता पर जोर

ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना सड़क सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार समय-समय पर इस प्रक्रिया में बदलाव करती रही है ताकि योग्य और जिम्मेदार चालकों को ही लाइसेंस मिल सके।

डोमिसाइल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता भी इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे आवेदकों की पहचान और निवास संबंधी जानकारी की पुष्टि आसान हो सकेगी।

आवेदकों पर पड़ेगा असर

नए नियम लागू होने के बाद महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अतिरिक्त दस्तावेज के रूप में डोमिसाइल सर्टिफिकेट जमा करना होगा।

जो लोग राज्य में रहते हैं लेकिन उनके पास निवास प्रमाण पत्र नहीं है, उन्हें पहले यह दस्तावेज बनवाना पड़ सकता है।

सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए कौन-कौन से दस्तावेज स्वीकार किए जाएंगे और आवेदन प्रक्रिया क्या होगी। इसकी जानकारी अंतिम नियम जारी होने के बाद सामने आएगी।

परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश

महाराष्ट्र सरकार लगातार परिवहन व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठा रही है। ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में बदलाव और बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नियम बनाने की पहल इसी प्रयास का हिस्सा है।

सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा बढ़ाना, परिवहन सेवाओं को व्यवस्थित करना और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

नई नीति से जुड़ी अंतिम तस्वीर मंजूरी के बाद होगी साफ

फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। कानून एवं न्याय विभाग की मंजूरी के बाद ही इसे आधिकारिक रूप से लागू किया जाएगा।

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो 1 अगस्त 2026 से महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में यह बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से लाइसेंसिंग सिस्टम अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।

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