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मुंबई में 'धारावी एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन, रीडेवलपमेंट में मिलने वाले घरों की मिलेगी झलक

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मुंबई में ‘धारावी एक्सपीरियंस सेंटर’ का उद्घाटन किया। इस सेंटर के माध्यम से धारावी के निवासियों को प्रस्तावित रीडेवलपमेंट प्लान और परियोजना के तहत बनने वाले घरों को करीब से समझने और देखने का अवसर मिलेगा। धारावी के बड़े पैमाने पर होने वाले पुनर्विकास के बीच इस सेंटर को स्थानीय लोगों तक परियोजना से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में पेश किया गया है।
धारावी एक्सपीरियंस सेंटर का उद्घाटन गांधी जयंती के अवसर पर किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धारावी को समर्पित एक विशेष एंथम भी लॉन्च किया। इसके साथ ही धारावी के इतिहास, कारोबार, संस्कृति और यहां विकसित हुए उद्यमिता के माहौल को सामने लाने वाली एक कॉफी टेबल बुक भी जारी की गई।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी आज मुंबई येथे धारावी पुनर्विकास प्रकल्पांतर्गत रहिवाशांसाठी बांधण्यात येणाऱ्या पुनर्वसन घरांच्या सँपल फ्लॅटची पाहणी केली.@Dev_Fadnavis @srabrihanmumbai#Maharashtra #DevendraFadnavis #DharaviRedevelopment pic.twitter.com/ePDewRbV6f
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) October 2, 2026
कार्यक्रम में धारावी के पुनर्विकास और इसके भविष्य को लेकर विभिन्न पहलुओं को प्रस्तुत किया गया। एक्सपीरियंस सेंटर तैयार करने का प्रमुख उद्देश्य स्थानीय निवासियों को यह जानकारी देना है कि रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद क्षेत्र किस तरह दिखाई देगा और पात्र निवासियों को किस प्रकार के आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।
धारावी मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में लोग रहने के साथ ही छोटे और मध्यम स्तर के कारोबार से जुड़े हुए हैं। इलाके में वर्षों से कई तरह की व्यावसायिक और उत्पादन गतिविधियां संचालित होती रही हैं। इसी वजह से धारावी का पुनर्विकास केवल आवासीय परियोजना तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां के मौजूदा सामाजिक और आर्थिक ढांचे से भी जुड़ा हुआ है।
धारावी रीडेवलपमेंट का काम ‘धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट/स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी’ यानी DRP/SRA के तहत किया जा रहा है। परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी ‘अडानी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड’ को दी गई है। यह महाराष्ट्र सरकार और अडानी समूह का संयुक्त उद्यम है। इसमें महाराष्ट्र सरकार की 20 प्रतिशत और अडानी समूह की 80 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है।
प्रस्तावित रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत धारावी के मौजूदा स्वरूप में बड़े बदलाव की योजना है। परियोजना में आवास के साथ आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय कारोबार से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया गया है। एक्सपीरियंस सेंटर के जरिए लोगों को इन्हीं प्रस्तावित बदलावों की जानकारी दी जाएगी।
इस सेंटर में स्थानीय निवासी परियोजना के तहत मिलने वाले प्रस्तावित घरों के स्वरूप को समझ सकेंगे। रीडेवलपमेंट से प्रभावित लोगों के बीच लंबे समय से अपने भविष्य के आवास, पुनर्वास और नई व्यवस्था को लेकर कई सवाल रहे हैं। ऐसे में सेंटर के जरिए परियोजना से संबंधित जानकारी को प्रत्यक्ष रूप से लोगों के सामने रखने की कोशिश की गई है।
उद्घाटन कार्यक्रम में जारी की गई कॉफी टेबल बुक के माध्यम से धारावी की अलग पहचान को भी सामने लाने की कोशिश की गई। इसमें क्षेत्र के इतिहास के साथ यहां के कारोबार, संस्कृति और उद्यमिता के विकास से संबंधित जानकारी शामिल की गई है। धारावी में लंबे समय से विभिन्न प्रकार के छोटे उद्योग और कारोबार संचालित होते रहे हैं। यहां रहने वाले लोगों की आजीविका का बड़ा हिस्सा इन्हीं गतिविधियों से जुड़ा है।
इसी तरह धारावी के लिए विशेष एंथम लॉन्च कर क्षेत्र की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में रीडेवलपमेंट के साथ धारावी की मौजूदा पहचान, यहां रहने वाले लोगों और स्थानीय कारोबार को भी केंद्र में रखा गया।
धारावी रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट मुंबई की बड़ी शहरी पुनर्विकास योजनाओं में शामिल है। बड़ी आबादी और घनी बस्तियों के कारण यहां पुनर्विकास की प्रक्रिया काफी व्यापक है। परियोजना के तहत पात्र निवासियों के पुनर्वास के साथ क्षेत्र में बेहतर आवासीय और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
एक्सपीरियंस सेंटर शुरू होने से स्थानीय लोगों को प्रस्तावित योजना को केवल दस्तावेजों के माध्यम से समझने के बजाय उसके स्वरूप को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। इससे लोग यह जान सकेंगे कि परियोजना में उनके लिए किस तरह के घर प्रस्तावित हैं और पुनर्विकास के बाद क्षेत्र में किस प्रकार के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
इस परियोजना में महाराष्ट्र सरकार की भागीदारी भी है। अडानी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड में सरकार की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि अडानी समूह की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है। परियोजना का क्रियान्वयन इसी संयुक्त उद्यम के माध्यम से किया जा रहा है।
धारावी में बड़ी संख्या में छोटे कारोबारी, कारीगर और विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोग रहते हैं। ऐसे में पुनर्विकास के दौरान आवास के साथ यहां की आर्थिक गतिविधियों और उद्यमिता के स्वरूप पर भी विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। कॉफी टेबल बुक में धारावी के इसी कारोबारी और उद्यमशीलता वाले पक्ष को प्रमुखता से जगह दी गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा धारावी एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन के साथ पुनर्विकास परियोजना से जुड़ी योजनाओं को स्थानीय लोगों के सामने प्रदर्शित करने के लिए एक नया मंच उपलब्ध हो गया है। अब धारावी के निवासी सेंटर में जाकर प्रस्तावित रीडेवलपमेंट और इसके तहत मिलने वाले घरों की जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके साथ ही एंथम और कॉफी टेबल बुक के जरिए धारावी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और कारोबारी पहचान को भी सामने लाने की कोशिश की गई है।





