महाराष्ट्र

चाकन MIDC का आज दौरा करेंगे डिप्टी CM एकनाथ शिंदे

Kavita2
23 Aug 2026 10:00 AM IST
चाकन MIDC का आज दौरा करेंगे डिप्टी CM एकनाथ शिंदे
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पुणे। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे रविवार को चाकन MIDC का दौरा करेंगे। इस दौरान वह औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों का निरीक्षण करने के साथ-साथ वहां की बुनियादी सुविधाओं और ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का जायजा लेंगे। चाकन-तलेगांव इंडस्ट्रियल बेल्ट में लंबे समय से खराब सड़कों, जगह-जगह बने गड्ढों, भारी ट्रैफिक और कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उद्योग जगत की ओर से चिंता जताई जा रही है। ऐसे में शिंदे का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, शिंदे के दोपहर करीब 3 बजे चाकन MIDC पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद करीब 3.30 बजे से वह सड़कों का निरीक्षण शुरू कर सकते हैं। दौरे के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे और डिप्टी सीएम को क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों तथा प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

यह दौरा शिंदे और उद्योग मंत्री उदय सामंत की चाकन के उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक के ठीक एक सप्ताह बाद हो रहा है। 16 अगस्त को करीब तीन घंटे तक चली बैठक में चाकन के उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्र में मौजूद कई समस्याओं को सरकार के सामने रखा था। बैठक में खराब सड़कों और गड्ढों के साथ-साथ लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम को लेकर विशेष चिंता जताई गई थी।

उद्योगपतियों का कहना था कि चाकन-तलेगांव क्षेत्र महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में कंपनियां और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स संचालित हैं। रोजाना हजारों कर्मचारी, मालवाहक वाहन और अन्य व्यावसायिक वाहन इस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। ऐसे में सड़कों की खराब स्थिति और ट्रैफिक जाम का सीधा असर उद्योगों के संचालन और लॉजिस्टिक्स पर पड़ रहा है।

बैठक में यह मुद्दा भी सामने आया था कि खराब सड़कों और जाम के कारण कर्मचारियों को आने-जाने में काफी समय लग रहा है। माल की आवाजाही प्रभावित होने से कंपनियों की सप्लाई चेन पर भी दबाव पड़ता है। इसके अलावा बारिश के दौरान सड़कों पर गड्ढों की समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने के साथ-साथ वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है।

उद्योग मंत्री उदय सामंत ने पिछले रविवार को चाकन का दौरा किया था। वहीं, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया था। उद्योगपतियों से बातचीत के बाद सरकार ने चाकन इंडस्ट्रियल एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने का भरोसा दिया था। अब एक सप्ताह के भीतर शिंदे का मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण करना सरकार की ओर से इस मुद्दे को प्राथमिकता दिए जाने का संकेत माना जा रहा है।

सरकार ने चाकन इंडस्ट्रियल एरिया में सड़कों पर बने गड्ढों की मरम्मत के लिए 31 अगस्त की डेडलाइन तय की है। इसका उद्देश्य बारिश के कारण खराब हुई सड़कों को जल्द से जल्द ठीक करना है। इसके साथ ही बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए करीब 10 महीने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

चाकन-तलेगांव इंडस्ट्रियल बेल्ट में केवल सड़कें ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी समस्याएं सामने आती रही हैं। क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने के साथ वाहनों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। भारी वाहनों और कर्मचारियों के निजी वाहनों की आवाजाही के कारण कई प्रमुख मार्गों पर पीक ऑवर्स में जाम की स्थिति बनती है।

इन समस्याओं के समाधान के लिए डिप्टी सीएम ने 14 सरकारी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए थे। सरकार का मानना है कि चाकन-तलेगांव बेल्ट की समस्याओं का समाधान केवल एक विभाग के स्तर पर नहीं किया जा सकता। सड़क, ट्रैफिक, औद्योगिक विकास और अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए ही क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा सकता है।

रविवार के निरीक्षण के दौरान शिंदे के सामने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन होगा। माना जा रहा है कि वह खराब सड़कों, गड्ढों और ट्रैफिक प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के साथ अधिकारियों से प्रस्तावित कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी लेंगे। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश भी दिए जा सकते हैं।

चाकन MIDC का महत्व राज्य के औद्योगिक विकास के लिहाज से काफी अधिक है। यहां ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े कई उद्योग संचालित होते हैं। ऐसे में बेहतर सड़क और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ निवेश और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

उद्योग जगत की नजर अब डिप्टी सीएम के इस दौरे पर है। उद्योगपतियों को उम्मीद है कि निरीक्षण के बाद सरकार द्वारा घोषित योजनाओं पर तेजी से काम होगा और लंबे समय से चली आ रही सड़कों तथा ट्रैफिक की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा। वहीं, 31 अगस्त तक गड्ढों की मरम्मत और अगले 10 महीनों में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों को पूरा करने की समयसीमा पर भी अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नजर रहेगी।

सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती तय समयसीमा के भीतर काम पूरा करने और औद्योगिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने की होगी। रविवार का निरीक्षण इसी दिशा में अगला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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