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मुंबई। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) को लेकर शुक्रवार को मुंबई में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेता अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन में शामिल होने के लिए देशभर से बड़ी संख्या में लोग आएंगे और भीड़ को रोकने के लिए लगाए जाने वाले बैरिकेड्स पर्याप्त नहीं होंगे। मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया।
विरोध सभा को संबोधित करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा, “इतने सारे लोग आएंगे कि आपके बैरिकेड्स काफी नहीं होंगे।” उनका यह बयान CJP की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा के बीच आया है। संगठन चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया को लेकर कथित गड़बड़ियों का आरोप लगा रहा है और इन्हीं मुद्दों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
मुंबई में हुए प्रदर्शन में CJP के समर्थकों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को सामने रखा। अभिजीत दिपके ने अपने संबोधन में कहा कि आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने देशभर से लोगों के इसमें शामिल होने का दावा करते हुए आने वाले दिनों में प्रदर्शन का दायरा बढ़ने की बात कही।
CJP ने इससे पहले भी घोषणा की थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा नहीं देने की स्थिति में 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन ने मुंबई से इसकी शुरुआत करने की बात कही थी। शुक्रवार को शिवाजी पार्क में आयोजित कार्यक्रम इसी अभियान का हिस्सा रहा।
CJP की ओर से चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों का केंद्र मतदाता सूची और SIR प्रक्रिया है। संगठन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुई हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर वह मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध कर रहा है। ये CJP की ओर से लगाए गए आरोप हैं और इन्हें संगठन के राजनीतिक दावों के रूप में देखा जाना चाहिए।
मुंबई पुलिस ने इससे पहले शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद अभिजीत दिपके ने ‘जेल भरो आंदोलन’ करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद CJP ने शिवाजी पार्क के पास अपना प्रदर्शन करने की बात कही और शुक्रवार को वहां समर्थक जुटे।
प्रदर्शन के दौरान दिपके ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में शामिल होंगे। उनके बयान में आंदोलन को आगे बढ़ाने और समर्थकों की संख्या बढ़ने का दावा प्रमुख रहा।
मुंबई के साथ दिल्ली में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई थी। छात्र संगठनों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
इसी संदर्भ में अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी को लेकर भी आरोप लगाया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के DCP सचिन शर्मा को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का “पसंदीदा” अधिकारी बताया। यह दिपके की ओर से लगाया गया आरोप है; उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टिंग में इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
दिपके ने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए मुंबई और दिल्ली पुलिस के रवैये की तुलना भी की। शुक्रवार के मुंबई प्रदर्शन में उन्होंने दिल्ली में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने मुंबई पुलिस के व्यवहार की तुलना में दिल्ली पुलिस के एक DCP की तीखी आलोचना की।
मुंबई में शुक्रवार का प्रदर्शन मुख्य रूप से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़ी मांगों पर केंद्रित रहा। CJP समर्थकों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को उठाया। वहीं अभिजीत दिपके ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात दोहराई।
CJP की ओर से पहले ही घोषणा की जा चुकी थी कि मुंबई से शुरू होने वाले प्रदर्शन को देश के अन्य शहरों तक ले जाया जाएगा। इसी क्रम में संगठन के नेता और समर्थक मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
अभिजीत दिपके के “बैरिकेड्स काफी नहीं होंगे” वाले बयान को भी इसी आंदोलन के विस्तार के दावे से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में लोग आंदोलन में पहुंचेंगे। हालांकि प्रदर्शन में भविष्य में कितने लोग शामिल होंगे, यह उनका दावा है।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही। पुलिस की मौजूदगी और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान CJP नेतृत्व ने चुनाव आयोग और SIR से जुड़े अपने आरोप दोहराए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
इस पूरे घटनाक्रम में CJP की ओर से चुनाव आयोग, SIR प्रक्रिया और पुलिस अधिकारियों को लेकर कई आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को संगठन और उसके नेता अभिजीत दिपके के दावों के रूप में ही प्रस्तुत किया जा रहा है।
शुक्रवार के प्रदर्शन के बाद CJP का रुख है कि उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसे देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाया जाएगा। मुंबई की सभा में अभिजीत दिपके ने बड़ी संख्या में लोगों के आने का दावा करते हुए बैरिकेड्स को लेकर टिप्पणी की, जबकि दिल्ली पुलिस के DCP सचिन शर्मा को लेकर भी उन्होंने आरोप लगाया। चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी इस विरोध के बीच CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कायम है।
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