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मुंबई BJP रैली के दौरान ट्रैफिक जाम पर मंत्री गिरीश महाजन से बहस

Maharashtra महाराष्ट्र: मुंबई में महिला आरक्षण बिल को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की रैली के दौरान हुए ट्रैफिक जाम को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस मामले में महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाली एक महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, यह शिकायत वकील गुणरत्न सदावर्ते की बेटी ज़ेन सदावर्ते ने बुधवार को वर्ली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है।
यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब मुंबई में BJP की एक रैली आयोजित की गई थी। इस रैली में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले संविधान संशोधन बिल की हार को लेकर विपक्षी दलों को निशाना बनाया गया था। रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण इलाके में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
इसी दौरान एक महिला ने मौके पर मौजूद महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन पर नाराजगी जताई। बताया गया है कि महिला ने मंत्री से तब बहस शुरू की जब वे मीडिया से बातचीत कर रहे थे। महिला ने रैली के कारण हुए ट्रैफिक जाम और आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर कड़ी आपत्ति जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला काफी गुस्से में थी और उन्होंने सार्वजनिक रूप से मंत्री महाजन को डांटते हुए कहा कि ऐसी रैलियां खुले स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए ताकि आम जनता को परेशानी न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़कें जाम होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
महिला ने कथित तौर पर कहा, “पास के किसी मैदान में रैली क्यों नहीं करते? तुम ट्रैफिक जाम कर रहे हो। यहां से चले जाओ।” यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद लोगों और मीडिया के कैमरों में भी रिकॉर्ड हुआ, जिसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया।
इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल देखी गई। जहां एक तरफ रैली को राजनीतिक मुद्दों के समर्थन के रूप में देखा जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ ट्रैफिक जाम को लेकर आम जनता की परेशानी सामने आई।
पुलिस ने बताया कि महिला के खिलाफ दर्ज शिकायत की जांच की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है। वहीं, वर्ली पुलिस स्टेशन इस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच कर रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर बड़े राजनीतिक आयोजनों के दौरान शहर में ट्रैफिक प्रबंधन और आम जनता की सुविधा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में बेहतर योजना और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत होती है ताकि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो।
फिलहाल मामले को लेकर जांच जारी है और पुलिस सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है।





