महाराष्ट्र

ठाणे में दही हांडी का धमाल 71 लाख के इनाम

Kavita2
4 Sept 2026 3:57 PM IST
ठाणे में दही हांडी का धमाल 71 लाख के इनाम
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ठाणे। महाराष्ट्र में दही-हांडी उत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शनिवार, 5 सितंबर को ठाणे शहर में दही-हांडी का बड़ा आयोजन किया जाएगा, जहां गोविंदा पथक ऊंचे मानव पिरामिड बनाकर हांडी फोड़ने का प्रयास करेंगे। इस बार आयोजकों ने विजेता टीमों के लिए लाखों रुपये के इनाम की घोषणा की है।

भगवान श्रीकृष्ण के बचपन की माखन चोरी और दही-हांडी फोड़ने की परंपरा से जुड़ा यह त्योहार अब महाराष्ट्र में बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन का रूप ले चुका है। हर साल की तरह इस बार भी गोविंदा मंडलियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

9 और 10 मंजिला मानव पिरामिड की तैयारी

दही-हांडी उत्सव में सबसे बड़ा आकर्षण मानव पिरामिड होता है। गोविंदा पथक एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर कई मंजिल ऊंची संरचना बनाते हैं और सबसे ऊपर पहुंचने वाला गोविंदा हांडी फोड़ता है।

ठाणे में इस बार कई टीमें 9 और 10 मंजिला ऊंचे मानव पिरामिड बनाने की तैयारी कर रही हैं। इसके लिए गोविंदा मंडलियों ने कई दिनों पहले से अभ्यास शुरू कर दिया है।

पंचपखाड़ी और हीरानंदानी मीडोज में बड़ा आयोजन

ठाणे के प्रमुख आयोजनों में पंचपखाड़ी और हीरानंदानी मीडोज में होने वाला ‘स्वामी प्रतिष्ठान’ का दही-हांडी उत्सव शामिल है।

इस आयोजन का नेतृत्व विधायक शिवाजीराव पाटिल कर रहे हैं। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में कुल 71 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

इससे गोविंदा पथकों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ गई है।

सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान

दही-हांडी में ऊंचे मानव पिरामिड बनाने के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है।

इसी को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने सुरक्षा इंतजामों पर विशेष ध्यान दिया है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले गोविंदा पथकों के लिए सुरक्षा हार्नेस और बीमा कवर की व्यवस्था की गई है।

आयोजकों का कहना है कि उत्सव का उद्देश्य परंपरा और उत्साह को बनाए रखना है, लेकिन प्रतिभागियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

नेताओं और संगठनों की भागीदारी

ठाणे में दही-हांडी आयोजन अब केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें राजनीतिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं की भी बड़ी भागीदारी होती है।

कई आयोजक बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करते हैं और गोविंदा टीमों को आकर्षक पुरस्कार देकर प्रोत्साहित करते हैं।

दही-हांडी की बढ़ती लोकप्रियता

महाराष्ट्र में दही-हांडी उत्सव की लोकप्रियता हर साल बढ़ती जा रही है। मुंबई, ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में इस मौके पर बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

गोविंदा पथक पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और ऊंचे मानव पिरामिड बनाकर अपनी कला और टीम भावना का प्रदर्शन करते हैं।

इनामों से बढ़ा मुकाबला

बड़े नकद पुरस्कारों के कारण दही-हांडी प्रतियोगिताओं में मुकाबला काफी कड़ा हो गया है।

गोविंदा मंडलियां बेहतर प्रदर्शन के लिए विशेष प्रशिक्षण लेती हैं और ऊंचे पिरामिड बनाने की रणनीति तैयार करती हैं।

हालांकि, आयोजकों और प्रशासन की ओर से लगातार अपील की जाती है कि प्रतिभागी अपनी क्षमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही प्रदर्शन करें।

प्रशासन भी रहेगा सतर्क

दही-हांडी जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रशासन भी तैयार रहता है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें आयोजन स्थलों पर तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

संस्कृति और उत्साह का संगम

दही-हांडी उत्सव महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसमें धार्मिक आस्था के साथ-साथ युवाओं की ऊर्जा, टीम भावना और उत्साह देखने को मिलता है।

ठाणे में होने वाले इस साल के आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।

71 लाख रुपये के इनाम और ऊंचे मानव पिरामिड की चुनौती के कारण इस बार दही-हांडी उत्सव और भी खास होने वाला है। आयोजकों की तैयारियां पूरी हैं और गोविंदा पथक भी अपने प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।

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