महाराष्ट्र

\आपदा प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र एआई आधारित कमांड और कंट्रोल सिस्टम विकसित करेगा : सीएम फडणवीस

SHIDDHANT
22 May 2026 11:56 PM IST
\आपदा प्रबंधन के लिए महाराष्ट्र एआई आधारित कमांड और कंट्रोल सिस्टम विकसित करेगा : सीएम फडणवीस
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Maharashtra महाराष्ट्र: मानसून से पहले आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को सभी विभागों को आपदा जोखिम कम करने और राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पूरे महाराष्ट्र में आपदा प्रबंधन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को मजबूत बनाने के लिए एआई आधारित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा।
मुख्यमंत्री प्री-मानसून तैयारी और आपदा प्रबंधन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर मानसून नई चुनौतियां लेकर आता है, इसलिए पिछली घटनाओं से सीख लेकर तैयारियों को और मजबूत करना जरूरी है। सीएम फडणवीस ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर अपनी तैयारियों की समीक्षा करें और जहां भी संचालन संबंधी कमियां हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करें। उन्होंने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी का सख्ती से पालन हो, समय पर चेतावनी जारी की जाए, त्वरित राहत पहुंचाई जाए और प्रभावित लोगों की मदद में कोई देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय, पुलिस, नगर निगमों और अलग-अलग कंट्रोल रूम को एकीकृत रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने के भी निर्देश दिए, ताकि मानसून के दौरान बेहतर समन्वय और नागरिकों को तेजी से राहत मिल सके। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि बांधों से पानी छोड़े जाने के दौरान कई बार निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इसे देखते हुए बेहतर समन्वय की जरूरत है। उन्होंने कमजोर पुलों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने और असुरक्षित पाए जाने पर वहां यातायात रोकने के निर्देश दिए।
राहत एवं पुनर्वास मंत्री मकरंद पाटिल ने बताया कि राज्य सरकार ने फसल नुकसान, घरों की क्षति, पशुधन की मौत और जनहानि के लिए विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है। इसके तहत खरीफ फसल के नुकसान पर प्रति हेक्टेयर 10 हजार रुपए, बाढ़ में जमीन बह जाने पर 47 हजार रुपए मुआवजा और रोजगार गारंटी योजना के तहत 5 हजार रुपए तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार 1.06 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के जरिए 16,224 करोड़ रुपए जमा कर चुकी है।
पहली बार क्षतिग्रस्त कुओं के लिए प्रति कुआं 30 हजार रुपए मुआवजा मंजूर किया गया है। करीब 11 हजार कुओं को इसका लाभ मिलेगा। साथ ही राहत पात्रता सीमा को 2 हेक्टेयर से बढ़ाकर 3 हेक्टेयर कर दिया गया है। बैठक में भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रेलवे, दूरसंचार विभाग, बीएमसी, और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण समेत कई एजेंसियों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
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