- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- छत्रपति संभाजीनगर में...
छत्रपति संभाजीनगर में अवैध निर्माण पर कार्रवाई, AIMIM पार्षद से जुड़े ढांचे पर निगम की तोड़फोड़

Maharashtra महाराष्ट्र: छत्रपति संभाजीनगर में बुधवार को नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ढांचे पर तोड़-फोड़ की। यह कार्रवाई AIMIM पार्षद मतीन पटेल से जुड़े एक कथित अवैध निर्माण को लेकर की गई है। नगर निगम की इस कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार, Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation की टीम ने संबंधित निर्माण को अवैध बताते हुए उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
इस मामले में पार्षद मतीन पटेल पर गंभीर आरोप भी जुड़े हुए हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामले के अनुसार, उन पर नासिक TCS धार्मिक दबाव और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी Nida Khan को कथित रूप से पनाह देने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर जांच प्रक्रिया अभी जारी है और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जिस निर्माण को हटाया गया है, वह नियमों के विपरीत पाया गया था और इसके लिए पहले ही नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित समय सीमा में अनुपालन न होने पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
AIMIM के स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है। पार्टी समर्थकों का कहना है कि मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, जबकि प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई पूरी तरह नियमों के आधार पर की गई है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं है।
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने जेसीबी मशीनों की मदद से निर्माण के कुछ हिस्सों को ध्वस्त किया। मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। आसपास के क्षेत्र में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई, लेकिन स्थिति को नियंत्रित रखा गया।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान को देखते हुए कार्रवाई में ढील नहीं दी जाएगी।
इस घटना ने शहर में एक बार फिर अवैध निर्माण और राजनीतिक जुड़ाव को लेकर बहस छेड़ दी है। वहीं जांच एजेंसियां संबंधित मामलों की विस्तृत जांच कर रही हैं ताकि सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके।
फिलहाल मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है और प्रशासन की नजर अगले कदमों पर बनी हुई है।





