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महाराष्ट्र
पटाखे न जलाने की अपील पर विवाद, दीया मिर्जा को लेकर फडणवीस ने तोड़ी चुप्पी
Ratna Netam
3 Nov 2026 3:57 PM IST

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मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के दिवाली से जुड़े जागरूकता वीडियो को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से अभिनेत्री का वीडियो हटाए जाने के बाद मामला बॉम्बे हाई कोर्ट तक पहुंच गया। अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीएमसी को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाली सामग्री के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार है। मुख्यमंत्री ने इसे छोटा मुद्दा बताते हुए कहा कि यह ऐसा विषय नहीं है जिस पर मुख्यमंत्री स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता हो। दूसरी ओर, बॉम्बे हाई कोर्ट ने वीडियो हटाए जाने पर नाराजगी जताते हुए बीएमसी को इसे दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया है।दरअसल, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बीएमसी ने पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत फिल्म और खेल जगत की कई प्रसिद्ध हस्तियों के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए थे। इन वीडियो में लोगों से दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल से बचने और प्रदूषण कम करने की अपील की गई थी।दीया मिर्जा भी इस अभियान का हिस्सा थीं। उन्होंने अपने वीडियो के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और दिवाली को अधिक सुरक्षित तथा प्रदूषण मुक्त तरीके से मनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने क्या कहा?
मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि यह बेहद छोटा मामला है और बीएमसी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर कौन-सी सामग्री रखे या हटाए, इसका निर्णय लेने के लिए सक्षम है।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया अकाउंट का संचालन करने वाली संस्था को उस पर प्रकाशित सामग्री के संबंध में निर्णय लेने का अधिकार होता है।फडणवीस की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने वीडियो हटाने के फैसले पर असंतोष व्यक्त करते हुए महानगरपालिका को इसे दोबारा प्रकाशित करने का निर्देश दिया है।
भाजपा नेता की आपत्ति के बाद हटाया गया वीडियो
इस विवाद की शुरुआत मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम की आपत्ति से हुई थी। उन्होंने बीएमसी के पर्यावरण जागरूकता अभियान में दीया मिर्जा को शामिल किए जाने पर सवाल उठाए।अमित साटम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बीएमसी को टैग करते हुए अभिनेत्री के वीडियो पर नाराजगी जताई।उन्होंने कहा कि लोगों को दिवाली कैसे मनानी चाहिए, इसके लिए दीया मिर्जा से सीख लेने की आवश्यकता नहीं है।इसके बाद बीएमसी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से अभिनेत्री का वीडियो हटा दिया। हालांकि, अभियान में शामिल अन्य हस्तियों के वीडियो उपलब्ध रहेइस फैसले के बाद महानगरपालिका पर राजनीतिक दबाव में काम करने और एक अभिनेत्री के साथ अलग व्यवहार करने के आरोप लगने लगे।
माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे भी अभियान का हिस्सा
बीएमसी के दिवाली जागरूकता अभियान में दीया मिर्जा के अलावा अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे जैसी प्रसिद्ध हस्तियों को भी शामिल किया गया था।इन हस्तियों के माध्यम से मुंबई के नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करने का संदेश दिया गया।हालांकि, विवाद के बाद केवल दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर सवाल उठे। आलोचकों ने पूछा कि यदि अभियान का उद्देश्य प्रदूषण रोकना था, तो एक ही कलाकार का वीडियो क्यों हटाया गया।यह मुद्दा धीरे-धीरे पर्यावरण जागरूकता से निकलकर राजनीतिक और वैचारिक बहस का विषय बन गया।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी
मामले में सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम मंगलवार को सामने आया, जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी द्वारा दीया मिर्जा का वीडियो हटाए जाने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की।अदालत ने कहा कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और किसी कलाकार के चयन को लेकर इस तरह की राजनीतिक बयानबाजी दुर्भाग्यपूर्ण है।हाई कोर्ट ने जागरूकता अभियान के लिए प्रसिद्ध हस्तियों को शामिल करने के बीएमसी प्रशासन के फैसले का समर्थन किया।अदालत ने महानगरपालिका को दीया मिर्जा का हटाया गया वीडियो दोबारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड करने का निर्देश दिया।न्यायालय की टिप्पणियों ने इस विवाद को एक नई दिशा दे दी है। अब यह मामला केवल दिवाली और पटाखों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सार्वजनिक संस्थाओं के निर्णय और राजनीतिक हस्तक्षेप से भी जुड़ गया है।
मुंबई की मेयर की टिप्पणी पर भी विवाद
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने भी दीया मिर्जा को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने अभिनेत्री पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया।इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक विवाद और बढ़ गया। अभिनेत्री के समर्थन में कई लोगों ने सवाल उठाया कि पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने को धार्मिक विरोध के रूप में क्यों देखा जा रहा है।दूसरी ओर, भाजपा नेताओं ने दिवाली जैसे धार्मिक त्योहारों पर जागरूकता अभियानों की भाषा और उनमें शामिल व्यक्तियों के चयन को लेकर आपत्ति जताई।बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी इस विवाद में राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त की।
दीया मिर्जा ने विवाद पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद दीया मिर्जा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो रिकॉर्ड करने का उद्देश्य लोगों के बीच पर्यावरण संबंधी जागरूकता बढ़ाना था।अभिनेत्री के अनुसार, वह चाहती थीं कि लोग दिवाली को सुरक्षित, स्वस्थ और जिम्मेदारी के साथ मनाएं।उन्होंने बताया कि यह संदेश जनहित में दिया गया था। इसका उद्देश्य किसी धार्मिक परंपरा या त्योहार का विरोध करना नहीं था।दीया मिर्जा लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण कम करने जैसे विषयों पर सक्रिय रही हैं। वह विभिन्न मंचों के माध्यम से पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करती रही हैं।
पर्यावरण संरक्षण बनाम धार्मिक परंपरा की बहस
दिवाली के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर देश में लंबे समय से चर्चा होती रही है। एक पक्ष का कहना है कि पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए इनके उपयोग को सीमित करना आवश्यक है।वहीं, दूसरे पक्ष का तर्क है कि धार्मिक त्योहारों से जुड़ी परंपराओं का सम्मान करते हुए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के सम्मान के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।
वीडियो विवाद ने उठाए कई सवाल
दीया मिर्जा के वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और न्यायिक चर्चा का विषय बन गया है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जहां बीएमसी के सोशल मीडिया संबंधी निर्णय लेने के अधिकार का समर्थन किया है, वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट ने वीडियो हटाए जाने पर नाराजगी जताकर उसे दोबारा अपलोड करने का निर्देश दिया है।इस घटनाक्रम ने सार्वजनिक संस्थाओं के जागरूकता अभियानों, कलाकारों की अभिव्यक्ति और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बीएमसी अदालत के निर्देश के अनुपालन में आगे क्या कदम उठाती है और इस विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं किस दिशा में जाती हैं।
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