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महाराष्ट्र
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कांग्रेस-टीएमसी विलय के प्रस्ताव का किया स्वागत
SHIDDHANT
11 Jun 2026 7:35 PM IST

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Mumbai मुंबई। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के संभावित विलय के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम विपक्षी एकता के लिए फायदेमंद होगा। पश्चिम बंगाल में जिस तरह से हालात बन रहे हैं, उसको देखकर विलय का प्रस्ताव लाना सही होगा। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "मेरी राय में यह प्रस्ताव अच्छा है। सोनिया गांधी के संबंध सबसे अच्छे हैं। देश में जिस स्तर पर राजनीति हो रही है, उसे देखते हुए आपसी झगड़ों और मतभेदों को किनारे रख देना चाहिए। विचारधारा तो एक ही है। कांग्रेस की विचारधारा और टीएमसी की विचारधारा में क्या अंतर है? कांग्रेस की विचारधारा और शरद पवार की विचारधारा में भी क्या अंतर है? मेरी राय में शरद पवार को भी साथ लाया जाना चाहिए।
दलवई का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों में इंडी अलायंस को मजबूत करने की चर्चाएं जोरों पर हैं। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में छोटे-छोटे मतभेदों को भुलाकर बड़े लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) और अन्य दलों के साथ मिलकर बनाए गए गठबंधन का जिक्र करते हुए उन्होंने एकता की अपील की। 'ऑपरेशन टाइगर' पर प्रतिक्रिया देते हुए दलवई ने इसे साजिश करार दिया।दलवई ने कहा कि हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं को तोड़ने की रणनीति को मीडिया में 'ऑपरेशन टाइगर' नाम दिया गया था। अब पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसदों को तोड़ने के प्रयासों पर भी इसी नाम का इस्तेमाल हो रहा है।
दलवई ने कहा, "मुझे ऐसा नहीं लगता। वे जानबूझकर इस तरह की बातें फैला रहे हैं। असल में बात यह है कि जो लोग चुनकर आए हैं, वे शिवसेना की वजह से चुने गए हैं, और इसमें इंडी अलायंस का भी बड़ा हाथ है। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के एसआईआर (विशेष गहन समीक्षा) पर दिए गए बयान पर दलवई ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "सिर्फ मुसलमानों को अलग करके देखना गलत है। जो कोई भी यहां पैदा हुआ है, वह नागरिक है और उसे इसमें शामिल किया जाना चाहिए। ऐसी बांटने वाली राजनीति नुकसानदेह है। यह दावा करना कि सिर्फ मुसलमानों के पांच बच्चे होते हैं, गलत है। आदिवासी समेत कई समुदायों में भी ऐसा होता है। परिवारों में अक्सर ज्यादा बच्चे इसलिए होते हैं, क्योंकि उन्हें जिंदा रहने की चिंता होती है और मेडिकल सुविधा व शिक्षा की कमी होती है। आज मुसलमानों में भी परिवार नियोजन को बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने कहा कि जनसांख्यिकी और नागरिकता से जुड़े मुद्दों पर विभाजनकारी राजनीति देश की एकता को कमजोर करती है। सभी समुदायों को समान रूप से देखने की जरूरत है।
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