महाराष्ट्र

बॉम्बे हॉस्पिटल कर्मचारियों की शिकायतों की होगी जांच, 8 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश

Kavita2
19 Aug 2026 9:57 AM IST
बॉम्बे हॉस्पिटल कर्मचारियों की शिकायतों की होगी जांच, 8 सितंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश
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मुंबई। महाराष्ट्र के श्रम राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने बॉम्बे हॉस्पिटल के कर्मचारियों की शिकायतों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने श्रम विभाग को निर्देश दिया है कि अस्पताल की महिला कर्मचारियों समेत अन्य कर्मचारियों की ओर से की गई 16 शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाए और इसकी विस्तृत रिपोर्ट 8 सितंबर तक प्रस्तुत की जाए।

श्रम मंत्री ने विशेष रूप से महिला कर्मचारियों द्वारा की गई यौन उत्पीड़न की शिकायतों की अलग से जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।

आशीष जायसवाल ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि शिकायतकर्ताओं को न्याय मिल सके।

बॉम्बे हॉस्पिटल के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता श्रम राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने की। बैठक में अस्पताल कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और लंबे समय से लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में कर्मचारियों की ओर से वेतन से जुड़े मुद्दे, ग्रेच्युटी भुगतान, प्रॉविडेंट फंड (PF), वेतन में अंतर, वेतन कटौती और अन्य श्रम संबंधी मामलों को उठाया गया। कर्मचारियों ने अपनी समस्याएं मंत्री के सामने रखीं और समाधान की मांग की।

बैठक में श्रम आयुक्त एचपी टुमोड, उप-आयुक्त सुनीता म्हाइसकार, राष्ट्रीय कर्मचारी सेना के अध्यक्ष किरण पावस्कर, कर्मचारी नेता डॉ. हरिहरन, बॉम्बे हॉस्पिटल की उप-प्रबंधक (मानव संसाधन) राखी बहुगुणा और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कर्मचारियों से जुड़े सभी मामलों को गंभीरता से लिया जाए और नियमों के अनुसार समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना श्रम विभाग की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

बैठक में बॉम्बे हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने अपनी कई लंबित मांगों को लेकर जानकारी दी। कर्मचारियों का कहना है कि वेतन भुगतान, ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं। इन मुद्दों के समाधान के लिए कई बार मांग उठाई जा चुकी है।

श्रम मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों और मांगों की जांच कर जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

महिला कर्मचारियों की यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों को लेकर मंत्री ने विशेष गंभीरता दिखाई। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। शिकायतों की जांच तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखी जाए और जांच के दौरान किसी भी कर्मचारी के साथ भेदभाव न हो। सरकार का उद्देश्य है कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिले।

बॉम्बे हॉस्पिटल देश के प्रमुख निजी अस्पतालों में से एक है और यहां बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में कर्मचारियों की समस्याओं और कार्यस्थल से जुड़े मामलों का समाधान करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बैठक के बाद श्रम विभाग ने शिकायतों की जांच प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। अब विभाग को 8 सितंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि श्रमिकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा। बॉम्बे हॉस्पिटल के कर्मचारियों की शिकायतों पर होने वाली जांच के परिणाम पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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