महाराष्ट्र

ग्रामीण स्कूलों को सुधारने निकलेगी कॉकरोच जनता पार्टी

Ratna Netam
14 Aug 2026 9:10 PM IST
ग्रामीण स्कूलों को सुधारने निकलेगी कॉकरोच जनता पार्टी
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हिंगोली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करने जा रही है। अभियान का आगाज पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के पैतृक गांव संतुक पिंपरी से सुबह साढ़े सात बजे किया जाएगा। सीजेपी के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और स्कूलों की बदहाल स्थिति के लिए स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करना है।
पार्टी की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि अभियान के तहत सीजेपी की अलग-अलग टीमें गांवों का दौरा करेंगी। ये टीमें ग्रामीणों, अभिभावकों और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों से संवाद करके सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति का पता लगाएंगी। विद्यालय भवन की मरम्मत, विद्यार्थियों के लिए बेंच, पीने के साफ पानी, शौचालय, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी कमियों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
दिल्ली से लौटने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अभिजीत दीपके ने कहा कि वह अपने गांव से अभियान की शुरुआत करेंगे। सबसे पहले गांव के सरपंच से स्थानीय सरकारी विद्यालय की मरम्मत कराने और बच्चों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यालय में बेंच और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव नहीं होना चाहिए।
दीपके ने बताया कि अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने के लिए कई टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें विभिन्न गांवों में जाकर वहां के लोगों और सरपंचों से स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करेंगी। उनका कहना है कि सीजेपी इस अभियान को केवल विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखना चाहती। ग्रामीणों, अभिभावकों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से स्कूलों में वास्तविक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में आयोजित तिरंगा यात्रा से जुड़े सवाल पर दीपके ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर ऐसी रैलियों का आयोजन होना चाहिए, लेकिन इसके साथ शिक्षा की स्थिति पर भी गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि सीजेपी को ऐसे कई वीडियो मिल रहे हैं जिनमें छात्राएं स्कूल तक पहुंचने में आने वाली परेशानियां बता रही हैं।
दीपके के अनुसार कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में छात्राओं को विद्यालय जाने के लिए करीब सात किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। कई स्थानों पर स्कूल तक पहुंचने के लिए सड़क भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस मनाने के साथ यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि देश के प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित रास्ता और सुविधायुक्त विद्यालय मिले।
सीजेपी ने संबंधित गांवों के सरपंचों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में सरकारी विद्यालयों की स्थिति का निरीक्षण करें और आवश्यक मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं। पार्टी ने ग्रामीणों और अभिभावकों से भी कहा है कि वे अपने बच्चों के स्कूलों का दौरा करें। यदि उन्हें भवन, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, बिजली, सड़क अथवा अन्य सुविधाओं की कोई कमी मिलती है तो इसकी जानकारी सीजेपी को दी जाए।
अभियान की घोषणा करते हुए दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि आजादी के आठ दशक बाद भी ग्रामीण बच्चों को विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण विद्यार्थियों की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि शिक्षा से जुड़ी कमियों को दूर करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।
सीजेपी का कहना है कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान केवल समस्याओं को उजागर नहीं किया जाएगा बल्कि उनके समाधान के लिए ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों से लगातार संवाद भी किया जाएगा। अभियान के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को सार्वजनिक चर्चा का प्रमुख विषय बनाने और स्थानीय निकायों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी।
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