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कोऑपरेटिव संस्थाएं मजबूत सदस्यता से ही टिकती हैं: Shivendraraje Bhosale

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के पब्लिक वर्क्स मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा है कि सहकारी (कोऑपरेटिव) संस्थाएं किसी भी कठिन परिस्थिति का सामना कर सकती हैं, अगर उनके सदस्य वफादार और पूरी तरह समर्पित रहें। वे सतारा में आयोजित एक कोऑपरेटिव वर्कर्स सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
अपने संबोधन में भोसले ने सहकारी संस्थाओं की मजबूती और उनके सामाजिक-आर्थिक महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की असली ताकत उसके सदस्यों के भरोसे और जुड़ाव में होती है। अगर सदस्य संस्था के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं तो कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी बाहर निकला जा सकता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अजिंक्यतारा कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री ने भी मुश्किल समय का सामना किया था, लेकिन सदस्यों के विश्वास और सहयोग से वह फिर से मजबूत स्थिति में लौट आई। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि कोऑपरेटिव संस्थाएं तब तक नहीं गिरतीं जब तक उनके सदस्य पूरी तरह प्रतिबद्ध रहते हैं।
इस कार्यक्रम में एक अपग्रेडेड कोऑपरेटिव ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन भी किया गया। साथ ही महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव यूनियन और सतारा जिला कोऑपरेटिव बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से एक सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें कोऑपरेटिव क्षेत्र के विकास और प्रशिक्षण पर चर्चा की गई।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले और यूनियन के चेयरमैन तथा विधायक प्रवीण दारेककर ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में सहकारी क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सेमिनार में कोऑपरेटिव संस्थाओं की वर्तमान चुनौतियों, प्रबंधन सुधार और प्रशिक्षण की जरूरतों पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन प्रणाली अपनाकर कोऑपरेटिव संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।
भोसले ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि महाराष्ट्र में कोऑपरेटिव आंदोलन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों ने सहकारी संस्थाओं के विकास और उनके भविष्य को लेकर सकारात्मक विचार साझा किए। इस आयोजन को कोऑपरेटिव सेक्टर में प्रशिक्षण और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





