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CMRF मेडिकल असिस्टेंस सेल बनेगा इंटीग्रेटेड डिजिटल प्लेटफॉर्म: CM

Maharashtra महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि चीफ मिनिस्टर मेडिकल असिस्टेंस सेल अब केवल वित्तीय सहायता देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित हो रहा है। यह प्लेटफॉर्म मरीजों, अस्पतालों और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस सोमवार को सह्याद्री गेस्ट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बोल रहे थे, जहां मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) मेडिकल असिस्टेंस सेल के लिए नए ऑनलाइन सिस्टम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह नई पहल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को एक ही डिजिटल सिस्टम में जोड़ा गया है, जिससे मरीजों को सहायता प्राप्त करने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले यह सेल मुख्य रूप से मरीजों को आर्थिक सहायता देने तक सीमित था, लेकिन अब इसे एक इंटीग्रेटेड सिस्टम में बदल दिया गया है, जो इलाज की प्रक्रिया, अस्पतालों के समन्वय और सरकारी सहायता को एक साथ जोड़ता है।
इस नई व्यवस्था के तहत एक केंद्रीकृत “वॉर रूम” भी स्थापित किया गया है, जो पूरे सिस्टम की निगरानी करेगा। यह वॉर रूम मरीजों की स्थिति, अस्पतालों की उपलब्धता और वित्तीय सहायता की प्रक्रिया पर रियल टाइम मॉनिटरिंग करेगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा सहायता को तेज करना और जटिल प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और सहायता प्रक्रिया में देरी को कम किया जा सकेगा।
नई प्रणाली में सभी संबंधित विभागों को एक साथ जोड़कर डेटा साझा करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। अस्पतालों और सरकारी एजेंसियों के बीच समन्वय भी पहले से अधिक मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का उपयोग करके लोगों को बेहतर और तेज चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
इस पहल को राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में मरीजों के लिए काफी लाभकारी साबित हो सकता है। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।





