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Chhatrapati संभाजीनगर में सेंसस कार्यों का केंद्र टीम ने किया निरीक्षण

Maharashtra महाराष्ट्र: केंद्र सरकार के सेंसस डायरेक्टरेट की एक टीम ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले का दौरा किया और चल रहे जनगणना कार्यों की समीक्षा की। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रहे सेंसस कार्यों की प्रगति का आकलन करना और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय की स्थिति को समझना था। टीम ने संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी ली और जरूरी निर्देशों पर चर्चा की।
टीम का नेतृत्व अतिरिक्त रजिस्ट्रार जनरल संजीव कुमार ने किया। उनके साथ जॉइंट डायरेक्टर संदीप राय, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पवन गोडे, अमोल विश्वकर्मा, सत्यांशु सिंह सहित अन्य अधिकारी भी शामिल थे। यह टीम 25 मई को जिले में पहुंची थी और इसके बाद जालना तथा छत्रपति संभाजीनगर दोनों जिलों में सेंसस से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने जिला प्रशासन और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में जनगणना प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने फील्ड स्तर पर काम की स्थिति, डेटा संग्रह की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और कर्मचारियों की तैनाती जैसे विषयों पर जानकारी साझा की।
बैठक में जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. और नगर आयुक्त अमोल येडगे मौजूद रहे। इनके साथ रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर जनार्दन विधाते, डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर अपर्णा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय धनोरकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी शामिल थे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर चल रहे सेंसस कार्यों की जानकारी दी और सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की।
टीम ने अधिकारियों से जनगणना कार्यों की समयबद्धता, डेटा की शुद्धता और क्षेत्रीय स्तर पर आ रही समस्याओं को लेकर भी जानकारी ली। इसके अलावा यह भी देखा गया कि किस तरह से विभिन्न विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं और फील्ड स्टाफ को किस प्रकार की सहायता प्रदान की जा रही है।
इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ भविष्य में सेंसस कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि सभी डेटा संग्रह कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और सही तरीके से पूरे किए जाएं।
कुल मिलाकर यह दौरा सेंसस कार्यों की प्रगति की समीक्षा और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया, जिसमें केंद्र और जिला स्तर के अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।





